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पटना। पिछले दो सप्ताह से हो रही लगातार बारिश के कारण बिहार में बाढ़ की हालत और गंभीर हो गई। राज्य में बाढ़ के कारण अबतक मरने वालों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है। गंगा, पुनपुन, बागमती, कोशी, बूढ़ी गंडक और अधवारा जैसी प्रमुख नदियां खतर के निशान से काफी उपर बह रही हैं।
मुज्जाफरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, सहरसा, पूर्वी चंपारण, सुपौल, दरभंगा, मधुबनी, पटना, कटिहार और भागलपुर की 20 लाख से अधिक की आबादी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित है। राज्य के पूर्वी चंपारण जिले में छह लोग बाढ़ में बह गए।
मधुबन ब्लॉक के सुंदरपुर दूभा गांव में दो लड़कियां बाढ़ में बह र्गइ। रक्सौल के अहिरवाटोला में लकड़ी की एक पुलिया के टूट जाने से एक आदमी पानी में बह गया। इसके साथ ही अरराज, सिसवनियां और पुरोहितपुर से तीन लोगों के बाढ़ के पानी में बह जाने की खबर है।
मुज्फ्फरपुर जिले के अरुई प्रखंड में बाढ़ के कारण पांच लोगों की मौत होने की सूचना मिली है। स्थानीय विधायक और राज्य के सूचना और जनसंपर्क मंत्री अजरुन राय ने बताया कि राजखंड और रामपुर गांव में दो दो लोगों के मार जाने की सूचना है जबकि चेहुटा गांव से एक व्यक्ति के बाढ़ में बहने की खबर है।
राज्य के भागलपुर जिले से 12 लोगों के बाढ़ में मार जाने की सूचना है जबकि दरभंगा और सीतामढ़ी एक एक लोग बाढ़ में बह गए। बाढ़ में मार गए लोगों के परिजनों को 50 हजार रुपए मुआवजे के तौर पर दिए गए हैं।
बाढ़ संबंधी हालातों का जायजा लेने के लिए आज यहां एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बताया कि राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित जिलों के अधिकारियों की छुट्टियां कैंसिल कर दी हैं।