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भिवानी: कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र कौशिक ने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की आमंत्रित सदस्यता भी छोड़ दी है और कुलदीप बिश्नोई के नेतृत्व में विश्वास व्यक्त किया है।
कौशिक ने कहा कि उन्होंने अपना त्यागपत्र सोनिया गांधी, जनार्धन द्विवेदी व आस्कर फर्नांडीज को भेज दिया है। श्री कौशिक ने शुक्रवार को यहां लोकनिर्माण विश्राम गृह में पत्रकारों के समक्ष इस्तीफे की घोषणा की। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने चुनाव से पहले प्रदेश में छात्र संघ के चुनाव बहाल करने का वादा किया था, लेकिन प्रदेश सरकार का ढाई साल का अरसा बीत जाने के बाद भी सरकार अपने वादे पर खरी नहीं उतरी है।
मुख्यमंत्री ने एनएसयूआई के किसी पदाधिकारी को मान-सम्मान नहीं दिया, इससे वे उपेक्षा महसूस कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वे हमेशा से पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल परिवार के साथ रहे हैं और उन्हें ही अपना नेता मानते आए हैं। कौशिक ने कहा कि सबसे पहले तो कांग्रेस हाई कमान ने भजनलाल को मुख्यमंत्री न बनाकर जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया। दूसरे मुख्यमंत्री ने किसी भी छात्र संगठन को तवज्जो न देकर उनकी भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है।
कौशिक ने कहा कि उन्होंने सात साल पहले 27 जुलाई 2000 को एनएसयूआई का प्रदेशाध्यक्ष पद संभाला था। उन्होंने कहा कि सांसद कुलदीप बिश्नोई सभी युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की आवाज बनकर आए हैं, इस संघर्ष में वे उनके साथ हैं।