परिवहन विभाग प्रदेश के राष्ट्रीय व राज्य मार्गे पर शीघ्र 'त्रिस्तरीय कर' प्रणाली लागू करने जा रहा है। परिवहन विभाग ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा ली गई समीक्षा बैठक में इसका खुलासा किया।
त्रिस्तरीय कर प्रणाली के तहत अच्छे व मुनाफे वाले मार्गे पर ज्यादा टैक्स और घाटे या लंबी दूरी वाले मार्गे पर बसों से रियायती दरों पर टैक्स लिया जाएगा। यह योजना सड़क परिवहन निगम के समाप्ति के साथ ही लागू कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को एकल खिड़की का पूरा लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए परिवहन विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों को संवेदनशील एवं सहयोगी रवैया अपनाना होगा। इस मौके पर प्रमुख सचिव राकेश बंसल, परिवहन आयुक्त एनके त्रिपाठी, परिवहन उपायुक्त उपेंद्र जैन, सड़क परिवहन निगम के एमके वाष्ण्रेय, मुख्यमंत्री सचिव एसके मिश्रा, अनुराग जैन, एसपीएस परिहार उपस्थित थे।
विक्रेता को रजिस्ट्रेशन का अधिकार परिवहन विभाग द्वारा डीलर के लिए इंटरनेट आधारित कंप्यूटरीकृत प्रणाली लागू की गई है, जिसमें वाहन विक्रेता को रजिस्ट्रेशन के अधिकार दिए गए हैं। इससे वाहन खरीदने के बाद लोगों को टैक्स के भुगतान के लिए आरटीओ कार्यालय व बैंक नहीं जाना पड़ेगा। वहीं, वाहन मालिक को पसंदीदा नंबर भी वाहन क्रय करते समय डीलर के पास देख सकेंगे।
सुविधा युक्त बस स्टैंड प्रस्तावित प्रदेश के चार नगरों इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और रतलाम में बीओटी पद्धति से हवाई अड्डों की तर्ज पर सुविधा युक्त बस स्टैंड प्रस्तावित हैं। इंदौर में राज्य स्तरीय चालक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की जा रही है।