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रोटी म्ह नहीं, अपण गेहूं म्ह सै खोट

हिसार: हरियाणा और पंजाब गेहूं की पैदावार में भले ही देश में सबसे आगे हों लेकिन इन दोनों प्रदेशों का गेहूं देश की 60 प्रतिशत आबादी के मूल भोजन 'चपाती' के लिए बेहतर नहीं है। दूसरी तरफ गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान के गेहूं से बनने वाली रोटी इन दोनों राज्यों की तुलना में कहीं ज्यादा स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक है। यह तथ्य उभरा है गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विवि के खाद्य तकनीकी विभाग में हुए एक शोध से। यह विभाग देश के 12 राज्यों में गेहूं की 200 किस्मों पर शोध कर रहा है।

शोध से खुलासा हुआ कि हरियाणा व पंजाब के गेहूं पैदावार में भले ही अव्वल हो लेकिन इसमें गुणवत्ता का अभाव है। यह गेहूं औद्योगिक क्षेत्र की जरूरतें पूरा नहीं करता, क्योंकि इससे बनने वाली ब्रेड व बिस्किट की क्वालिटी बढ़िया नहीं होती। साथ ही यह घरेलू उपयोग के लिए भी सवरेत्तम नहीं है।

इन दोनों प्रदेशों के गेहूं से बनने वाली रोटी कम मुलायम होती है। यह जल्द बासी हो जाती है। दूसरी तरफ गुजरात, महाराष्ट्र व राजस्थान की गेहूं से बनने वाली रोटी हरियाणा व पंजाब की तुलना में कहीं ज्यादा स्वादिष्ट है और यह ज्यादा समय तक टिकती भी है।

क्यों है गुणवत्ता में कमीरासायनिक खादों व कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग के चलते हरियाणा और पंजाब में जमीन की गुणवत्ता पर भारी असर पड़ा है। एक साल में तीन फसलें लेने की होड़ में जमीन खाली नहीं छोड़ने का रवैया फसलों के लिए घातक सिद्ध हो रहा है। इससे गेहूं ही नहीं बल्कि अन्य फसलों पर भी असर पड़ा है।

गेहूं में क्या है कमीविभिन्न प्रदेशों के गेहूं में अंतर के पीछे मोलिक्यूलर लेवल पर शोध कार्य जारी है लेकिन सतही तौर पर स्वाद व साफ्टनेस के शोध से पता चला है कि हरियाणा व पंजाब के गेहूं में पाए जाने वाले प्रोटीन में एमिनोएसिड कम है। इसमें सॉफ्टनेस की कमी का कारण स्टार्च क्वालिटी से संबंधित है।

0 हरियाणा व पंजाब को गेहूं में गुणवत्ता का स्तर बढ़ाने के लिए रासायनिक खादों व कीटनाशकों का अंधाधुंध प्रयोग कम करना होगा। देश में सी-306 किस्म से बढ़िया किस्म का गेहूं इजाद करने की जरूरत है, क्योंकि यह चपाती के लिए अच्छा है। - प्रो. बीएस खटकड़ अध्यक्ष, फूड टेक्नालॉजी डिपार्टमेंट

चपाती के लिए उत्तम किस्मेंसी-306, राज-1482, डब्ल्यूएच-147, एचडी-2402, यूपी-262, डब्ल्यूएच-416, सुजाता, जीडब्ल्यू-496, पीबीडब्ल्यू-226, पीबीडब्ल्यू-175, राज-3765, के-9107, एनडब्ल्यू-1014, लोक-1, जीडब्ल्यू-273, जीडब्ल्यू-322, एचडब्ल्यू-2004, एचडी-2285, एचपी-1731, एचआई-1500, के-8027 व एचडी-2833।