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सीबीआई ने मांगी सजा-ए-मौत, फैसला 30 को

चंडीगढ़: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में शुक्रवार को दोषी करार दिए गए 6 लोगों को शनिवार को सजा नहीं सुनाई जा सकी। अब उन्हें सोमवार को सजा सुनाई जाएगी। शनिवार को इस संबंध में बुड़ैल जेल में लगी विशेष अदालत में दोषियों को सजा के निर्धारण पर (क्वांटम ऑफ पनिश्मेंट) सीबीआई ने अपना पक्ष रखा।

सीबीआई ने अदालत से मामले में दोषी करार दिए गए जगतार सिंह हवारा समेत पांचों को मौत की सजा देने की मांग की। सीबीआई की दलील थी कि ऐसे अपराधी समाज के लिए खतरा हैं। इनका अपराध रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस में आता है, इसलिए इन्हें सजा-ए-मौत दी जाए। पांच आरोपियों जगतार सिंह हवारा, लखविंदर सिंह, गुरमीत सिंह, बलवंत सिंह और शमशेर सिंह को शुक्रवार को अदालत ने आईपीसी के सेक्शन-302, 307,120बी और एक्सप्लोसिव एक्ट के सेक्शन 3,4,5,6 के तहत दोषी करार दिया था।

मामले के छठे आरोपी नसीब सिंह (एक्सपलोसिव एक्ट के सेक्शन 5 के तहत दोषी) के बारे में सीबीआई के वकीलों का कहना था कि उसके लिए 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। बचाव पक्ष ने कहा कि वह इस मामले में अपना पक्ष सोमवार को रखेंगे।

इस पर मामले की सुनवाई कर रहे एडीशनल सेशन जज आरके सोंधी ने फैसले सुनाने की तारीख 30 जुलाई निर्धारित कर दी। काबिलेजिक्र है कि क्रिमिनल प्रोसिजर कोड (सीआरपीसी) के सेक्शन 235 के अनुसार ट्रायल कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए अपराधियों को सजा सुनाए जाने से पहले क्वांटम ऑफ पनिश्मेंट पर उनका पक्ष सुनना जरूरी है।

हाथापाई का आरोप मामले की सुनवाई के बाद बचाव पक्ष के वकीलों ने जेल प्रशासन पर हाथापाई का आरोप लगाया। बचाव पक्ष के वकील अमर सिंह चहल का कहना था कि जेल प्रशासन ने उनके साथी वकील गगन को अंदर आने से रोका, उसके साथ हाथापाई भी की। जेल प्रशासन का कहना था कि गगन के पास आईकार्ड नहीं था, इसलिए उससे पूछताछ की।


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