नई दिल्लीएक तरफ जहां संचार नियामक ट्राई ने सर्किल के हिसाब से ऑपरटरों को सीमित करने की बात कही है वहीं, जीएसएम ऑपरटर कंपनियों ने सरकार से कहा है कि संसाधनों की कमी के कारण नई कंपनियों को बाजार में आने से रोकना चाहिए।
सेल्युलर ऑपरटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने संचार आयोग के चेयरमेन डीएस माथुर को लिखे पत्र में कहा है कि ऐसे में जबकि संसाधन सीमित हैं, यह संभव नहीं है कि असीमित प्रतिस्पर्धा और खुले बाजार की नीति अपनाई जाए। गौरतलब है कि इस मांग के बाद सीओएआई ने पहले कही अपनी ही बात का विरोध कर दिया है। पहले सीओएआई ने कहा था कि प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए संचार क्षेत्र में सीधे विदेशी निवेश की सीमा को बढ़ाकर 74 प्रतिशत किया जाना चाहिए।
बहरहाल अब गेंद ट्राई के पाले में है। बाजार में प्रतिस्पर्धियों की सीमा तय करने या न करने के पहलू के साथ ही ट्राई लाइसेंस करार की सेवा शर्तो के बार में सिफारिशों को अंतिम रूप देने में लगा हुआ है।