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भोपाल,राजधानी में आए दिन बिजली गुल का कारण बिजली की कमी नहीं, बल्कि बिजली सप्लाई के सिस्टम की गड़बड़ी है। इस समस्या से निपटने के लिए बिजली वितरण कंपनी योजना तैयार कर चुकी है, लेकिन उस पर अमल नहीं हो पाने के कारण शहर की कई बस्तियों में बार-बार बिजली ठप होने का सिलसिला जारी है।
शहर में बिजली आपूर्ति के लिए बने 132 केवी के सब स्टेशनों पर पर्याप्त बिजली उपलब्ध है। ट्रांसमीशन कंपनी के ये स्टेशन मंडीदीप, चंबल, अयोध्या, एमएसीटी एवं लालघाटी में बने हैं। यहां से विद्युत वितरण कंपनी 33 केवी लाइनों से शहर के 40 सब स्टेशनों तक बिजली पहुंचाती है, जहां से कम दाब की 11 केवी की लाइनों से बिजली घरों तक पहुंचती है।
चार स्टेशनों पर लोड ज्यादा, दो खाली राजधानी के 90 प्रतिशत क्षेत्र में 132 केवी के चंबल, मंडीदीप, एमएसीटी, लालघाटी सब स्टेशन से बिजली की आपूर्ति होती है। अयोध्या नगर 132 केवी सब स्टेशन और पुराना गांव में 220 केवी सब स्टेशनों से 10 फीसदी क्षेत्र में ही बिजली की आपूर्ति होती है। इसके चलते चार स्टेशनों पर ओवर लोड हो जाता है। जानकारों का कहना है कि यदि इन दोनों उच्च दाब के स्टेशनों से 33 केवी लाइनें डालकर अन्य स्टेशनों तक बिजली पहुंचाई जाए, तो अनावश्यक लोड से ट्रिपिंग की दिक्कत नहीं होगी।
क्या है योजना 132 केवी के चंबल स्टेशन से जुड़े गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया, इंद्रपुरी, आनंद नगर एवं अयोध्या नगर सब स्टेशन से नई लाइनें बिछाकर जोड़ा जाना है। इससे चंबल सब स्टेशन पर लोड कम होने से इसे एमपीनगर क्षेत्र एवं अरेरा कालोनी में बिजली की आपूर्ति होगी। इसी तरह गांधी नगर के पास पुराना गांव में 220 केवी का सब स्टेशन है, जिससे 33 केवी की लाइन बिछाकर शहर के गांधी नगर क्षेत्र को बिजली की आपूर्ति की जा सकती है, जो अब तक नहीं की गई है।