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अमरिंदर को मिली राहत

चंडीगढ़: amrindra पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को राहत देते हुए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर पुलिस की ओर से चालान पेश किए जाने तक रोक लगा दी है। जस्टिस आर.एस.रंधावा ने यह आदेश कैप्टन अमरिंदर सिंह की याचिका पर सुनवाई के बाद दिए। काबिलेजिक्र है कि जस्टिस रंधावा ने अप्रैल 2007 में लुधियाना सिटी सेंटर घोटाले में नामजद कैप्टन अमरिंदर की गिरफ्तारी पर 30 जुलाई तक के लिए रोक लगा दी थी।

सरकार ने दी थी चुनौती : जस्टिस रंधावा के आदेशों को पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने मामले को दोबारा सुनवाई के लिए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में भेज दिया था। इस मामले मे हुई बहस के दौरान पंजाब सरकार का कहना था कि लुधियाना सिटी सेंटर घोटाला पंजाब का अब तक का सबसे बड़ा घोटाला है।

हमें इस मामले मे कैप्टन के खिलाफ सुराग मिले हैं और इस मामले की जांच तभी पूरी होगी जब हम कैप्टन को कस्टडी में लेकर पूछताछ करें। सरकार ने चेतन गुप्ता और उससे मिली पैन ड्राइव को आधार बनाया था। सरकार का कहना था कि हाईकोर्ट किसी आरोपी को इतने लंबे समय तक जमानत नहीं दे सकती।

पैन ड्राइव आरोपों का आधार नहीं : दूसरी ओर अमरिंदर के वकीलों का कहना था कि पंजाब सरकार महज पैन ड्राइव के आधार पर कैप्टन को आरोपी नहीं बना सकती। दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा हुआ था। सोमवार को सुनाए फैसले में हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि कैप्टन को तब तक गिरफ्तार न किया जाए जब तक कि इस मामले में कैप्टन के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो चालान पेश नहीं कर देता।

क्या कहा हाईकोर्ट ने 0 पंजाब सरकार दलीलों में यह नहीं साबित कर पाई कि उसे कैप्टन की कस्टडी क्यों चाहिए।0 ऐसा कुछ नहीं की कोर्ट केवल कुछ समय तक ही किसी की गिरफ्तारी पर रोक लगा सकता है।0 इस मामले के राजनीतिक दुर्भावना के आरोपों में दोनों पक्षों के बीच गंभीर बहस नहीं हुई।0 अगर कैप्टन की जमानत को नहीं बढ़ाया गया तो यह न्यायप्रद नहीं होगा।

परनीत कौर को भी राहतजस्टिस आरएस रंधावा ने इस मामले में कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी परनीत कौर को भी राहत देते हुए आदेश दिए हैं कि पंजाब पुलिस परनीत के खिलाफ कोई भी मामला दर्ज करने और पूछताछ करने से पहले उसे 10 दिन का नोटिस दे।