अरनोदकस्बे के बालिका माध्यमिक विद्यालय में अध्यापिकाओं की कमी एवं अन्य समस्याओं को लेकर छात्राओं द्वारा पिछले तीन दिन से की जा रही हड़ताल का समर्थन करते हुए अभिभावकों एवं व्यापार संघ ने सोमवार को बाजार बंद रखे।
इधर, रात तक चली बैठक में अधिकांश मांगों को डीईओ ने स्वीकार कर आदेश जारी कर दिए। छात्राओं के आह्वान पर सोमवार को नगर का पूरा बाजार बंद रहा। बालिकाओं ने अध्यापिकाओं और अन्य स्टाफ को स्कूल से बाहर निकाल स्कूल बंद कर दिया। बालिकाओं ने सुबह से विद्यालय में इकट्ठा होकर नारेबाजी शुरू कर दी। बंद के दौरान पुलिस तैनात रही। स्कूल की समस्याओं पर अभिभावकों का भी रोष यहां कार्यरत अध्यापिकों पर फूटा। धर्मचंद जैन, राजेंद्र कोठारी, अशोक भावसार, सरपंच कैलाशचंद्र मीणा सहित कई लोगों ने नाराजगी जाहिर की।
प्रिंसीपल को किया एपीओ शाम करीब पांच बजे जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक चंद्रशेखर जोशी, पुलिस उपाधीक्षक एम.आर. मीणा, तहसीलदार फूलसिंह यादव आदि की उपस्थिति में शुरू हुई बैठक रात साढ़े आठ बजे तक चली। बैठक में डीईओ ने वहां की प्रिंसीपल को एपीओ कर उमावि बालक के कैलाशचंद्र जोशी को अतिरिक्त चार्ज दे दिया। हिंदी के दो व्याख्याता लगाने को आदेश जारी कर दिया। अन्य समस्याओं पर सप्ताह में कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसी के साथ छात्राओं की हड़ताल समाप्त हो गई।