उदयपुरअजय देवगन, शिल्पा शेट्टी, करीना कपूर, ऐश्वर्या राय बच्चन, शाहरूख खान.. सिल्वर स्क्रीन के ये चमकते सितारे एनसीईआरटी की टेक्स्ट बुक्स में भी जलवे बिखेर रहे हैं। फिल्मों में इनकी अदाकारी देखकर खुश होने वाले बच्चे किताबों में पसंदीदा स्टार्स को देखकर उल्लासित हैं।
अब तीसरी कक्षा के सामान्य ज्ञान की पुस्तक को ही देख लें-'डेड जीके' की बजाय फोकस लाइव और करंट विषयों पर है। तभी जीके को रोचक बनाने के लिए कई तरह की जानकारियां शुमार है जिसमें बॉलीवुड स्टार्स पर पूरा एक पाठ ही समर्पित है। बॉलीवुड के लोकप्रिय सितारों की फोटो देखकर उन्हें पहचानना बच्चों के लिए पढ़ाई कम मनोरंजक ज्यादा लगता है। चौथी कक्षा के विद्याथियों को 'अराउंड दी वल्र्ड् सेक्शन' में विख्यात चरित्रों से पहचान करवाया गया है जिसमें जेम्स बांड, शेरलोक होम्स, ओलीवर ट्विस्ट, स्पाइडर मैन और बच्चों का सुपर हीरो हैरी पॉटर तक शामिल है।
पढ़ाने वाले टीचर्स का भी कहना है कि बाल मनोविज्ञान को ध्यान में रखकर बनी किताबों को पढ़ाने का फर्क क्लास रूम्स में भी साफ नजर आता है। बच्चे ज्यादा रूचि से वो सब पढ़ते हैं जो उन्हें अपने आसपास नजर आता है।
— घड़ी कंपनी टाइटन, रिलायंस, बीएसएनएल, एलआईसी, मारूति सुजुकी, हीरो होंडा, टाटा, एस्कार्ट आदि अग्रणी कंपनियों के लोगो या चिन्ह भी पाठ्य पुस्तक में पूरा एक चैप्टर बन गया है।
— बच्चों को कैरीकैचर या कार्टून का महत्व समझाने के लिए बोझिल या लंबे शब्दों में व्याख्या नहीं करके उसे चित्रों के रूप में ही पुस्तकों में शामिल किया है। अदनान सामी की गोलमटोल काया या प्रिटी जिंटा के डिंपल वाले गालों को हाइलाइट करते हुए बने कार्टून से बच्चों को केरीकेचर का अर्थ सहज रूप से समझाया जा रहा है।
— नानी-दादी द्वारा झूठ नहीं बोलना, माता-पिता की सेवा करना, एकता आदि को लेकर सुनाई जाने वाली कथाओं को लेसन्स का नाम दे दिया है जिससे बच्चे अपने घर में बुजुर्गे से सुनने वाली कथाओं से उसे आसानी से जोड़ते हैं।