मुंबई: डॉन फिर भाग चला है। इसके लिए अंकल सैम (अमेरिका) और अनेक आतंकवाद निरोधक अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां 'धन्यवाद की पात्र' हैं। एफबीआई ने पाकिस्तान से इस भगोड़े दाऊद इब्राहिम को सौंपे जाने की मांग की थी, ताकि अल कायदा व नशे के सौदागरों से उसके जुड़े होने की जांच की जा सके। इसी से बचने के लिए पाकिस्तान ने दाऊद को अब नया पासपोर्ट व पहचान-पत्र दे दिया है ताकि वह मध्य एशिया के इस्लामी देश में सुरक्षित व ठाठ से रह सके।
दाऊद को सौंपे जाने की मांग अमेरिका ने मध्य अप्रैल में की थी। अमेरिका के कड़े जवाब की आशंका से घबराकर पाकिस्तान में दाऊद के आकाओं ने उसे कजाकस्तान जाने वाले विमान पर चढ़ा दिया। वहां डॉन के अपने व्यावसायिक हित हैं। खदानों और तेल उत्पाद में उसका भी हिस्सा है। तीन पूर्व सोवियत देशों से उसके हित जुड़े हुए हैं। दाऊद के हित चेचन्या से भी जुड़े हैं जहां रूस इस्लामी पृथकतावादियों से लड़ रहा है।
सीबीआई के पूर्व निदेशक जोगिंदर सिंह ने सोमवार को बताया कि भारत ने जब भी दाऊद को सौंपे जाने की मांग की, तब पाकिस्तानी अधिकारियों ने यही बहाना बनाया और यह मानने से ही इनकार कर दिया कि इस नाम का कोई व्यक्ति कराची में रहता है।
यह पूछे जाने पर कि क्या वह किसी और देश में भी जा सकता है, सिंह ने कहा कि पाकिस्तान में दाढ़ी बढ़ाकर या दाढ़ी कटवा कर नया पासपोर्ट बनवाना बहुत आसान है। फिर किसी भी नाम से नई जगह जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि दाऊद को संयुक्त राष्ट्र ने अफगान आतंकियों और ईरान में कट्टरपंथियों को समर्थन देने के कारण अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कर रखा है।
इसलिए दी गई नई पहचान : एक वरिष्ठ गुप्तचर अधिकारी के अनुसार परवेज मुशर्रफ की फौजी सरकार ने अमेरिका से एक तालमेल कर रखा है जिसके तहत पाकिस्तान से जाने या वहां आने वाले सभी यात्रियों की जानकारी अमेरिकी एजेंसियों को नियमित रूप से दी जाती है। इसलिए पाकिस्तानी अधिकारियों के पास केवल एक ही विकल्प बचा था कि दाऊद को देश से बाहर भेजने के लिए उसे नया पासपोर्ट व नई पहचान दी जाए।बीवी-बच्चे लंदन में : लंदन और पाकिस्तान में सूत्रों ने भी पुष्टि की कि दाऊद अप्रैल में पाकिस्तान छोड़ कर कजाकस्तान चला गया है और बीवी व बच्चों को उसने लंदन भेज दिया है। वहां दाऊद का स्विस कॉटेज इलाके में बड़ा आलीशान मकान है। मामला ठंडा होने और दाऊद के लौटने तक वे वहीं रहेंगे।