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रेवाड़ी से सिरसा चलेंगी गाड़ियां

चरखी दादरी: रेवाड़ी से बठिंडा तक की संकेत प्रणाली का विद्युतीकरण करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। सबसे पहले यह कार्य हिसार व बठिंडा के बीच किया जा रहा है। इसके चलते रेलवे ने हर रविवार को आरएफ व आरबी गाड़ियां केवल रेवाड़ी से सिरसा व हिसार के बीच ही चलाने का फैसला लिया है। यह व्यवस्था मार्च 2008 तक रहेगी। अब हर रविवार को बठिंडा व फाजिल्का की तरफ जाने वाले यात्री नहीं जा सकेंगे। उत्तर-पश्चिम रेलवे ने संकेत प्रणाली का विद्युतीकरण करने के लिए यह व्यवस्था लागू की है।

जारी आदेशों के अनुसार यह कार्य मार्च 2008 तक पूरा किया जाएगा। उत्तर-पश्चिम रेलवे द्वारा इस रूट पर पड़ने वाले स्टेशन अधिकारियों को भेजे गए आदेशों के अब प्रत्येक रविवार को रेवाड़ी व फाजिल्का के बीच चलने वाली 1 व 2 आरएफ सवारी गाड़ी अब रेवाड़ी व सिरसा के बीच चलेगी। इसी प्रकार रेवाड़ी व बठिंडा के बीच चलने वाली 1 व 2 आरबी सवारी गाड़ी अब रेवाड़ी व हिसार के बीच चलेगी।

मार्च 2008 तक हिसार व बठिंडा के बीच तक संकेत प्रणाली का विद्युतीकरण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद हिसार व भिवानी के बीच तथा अंत में भिवानी व रेवाड़ी के बीच की संकेत प्रणाली का विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

संकेत प्रणाली बदलने का कार्य वर्ष 2009 तक पूरा कर लिया जाएगा। इस संबंध में स्टेशन अधीक्षक उदयसिंह दलाल ने कहा कि संकेत प्रणाली विद्युतीकरण का कार्य हर रविवार को किया जाएगा, ताकि रेल रूट बाधित नहीं हो।

क्या है संकेत प्रणाली इस समय मानवीय संकेत प्रणाली चालू है। इसके तहत संकेत प्रणाली में स्प्रिट लैंप लगे होते हैं तथा मनुष्य को हाथ से प्रणाली को चलाना पड़ता है। इससे प्वाइंट आदि बदलने पड़ते हैं। विद्युत संकेत प्रणाली के तहत ट्रेन के आने से ही संकेत स्वत: होते रहते हैं।

इस की पूरी प्रणाली सहायक स्टेशन मास्टर कार्यालय के हाथ में रहती है, जबकि मानवीय प्रणाली में इस का नियंत्रण केबिन मैन के पास होता है। विद्युतीकरण के बाद सब केबिन हट जाएंगे। इसके अतिरिक्त संकेत प्रणाली का विद्युतीकरण होने से न तो प्वाइंट बनाने पर समय व्यर्थ होगा तथा इससे गाड़ियों की रफ्तार में भी वृद्धि होगी।