जोधपुर: राज्य सरकार की तृतीय श्रेणी शारीरिक शिक्षकों के रिक्त पद भरने की घोषणा थोथी साबित हो रही है। सरकार ने न्यायालय को एक याचिका के संबंध में दिए जवाब में शारीरिक शिक्षक के स्थान पर सामान्य टीचर्स को ट्रेनिंग देकर काम चलाने की बात कही है। इससे बेरोजगार शारीरिक शिक्षकों में रोष उत्पन हो गया है।
मुख्यमंत्री वसुंधराराजे ने बजट 2007-08 में प्रदेश में1458 तृतीय श्रेणी अध्यपाकों के रिक्त पद भरने की घोषणा की थी, लेकिन चार माह बाद भी भर्ती संबंधी कदम नहीं उठाना तो दूर,शारीरिक शिक्षकों के पद समाप्त करने की साजिश रची जा रही है। वो भी ऐसे समय में जब खुद राज्य सरकार का प्रारंभिक शिक्षा विभाग शारीरिक शिक्षा की कक्षा एक से ही अनिवार्यता बता रहा है।
क्या है सरकारी आदेशराजस्थान सरकार के प्रारंभिक शिक्षा आयुक्तालय ,बीकानेर से 12 दिसंबर 2006 को जारी एक आदेश में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा सबंधी गतिधियां संचालित करने के लिए तृतीय श्रेणी अध्यापकों की तर्ज पर ही शारीरिक शिक्षकों को भी विभागीय टीचर्स के अनुसार प्रति सप्ताह 42 कालांश विभागीय माप दंडों के अनुसार देने की बात कही गई है। इसके साथ ही कक्षा 1 से ही बच्चों को प्रंितदिन सामुहिक व्यायाम,योग व भारतीयम आदि कार्यक्रम कराने में सहयोग देने के निर्देश दिए हैं।
पीटीआई की जगह सामान्य टीचर्सइधर राज्य में प्राथमिक स्तर पर शारीकि शिक्षा अनिवार्य रूप से लागू करने को लेकर कैलाश चंद्र पाटीदार की ओर से न्यायालय में दायर रिट याचिका के जवाब सरकार का कहना है कि तृतीय श्रेणी शारीरिक शिक्षक के स्थान पर एसटीसी प्रशिक्षण प्राप्त टीचर्स ही कक्षा 1 से 5वीं तक के लिए शारीरिक शिक्षा का पाठ्यक्रम करा रहे हैं।
इसके साथ ही कक्षा 6से 8वीं तक के लिए सेवारत सामान्य शिक्षकों को सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्रशिक्षण में शारीरिक शिक्षा की ट्रेनिंग दी जा रही है। इस जवाब को बेराजगार शारीरिक शिक्षकों ने सरकार की कथनी और करनी में रात दिन का फर्क बताया है।
राज्य सरकार की शारीरिक शिक्षकों के मामले में दोगली नीति से बेरोजगार शिक्षकों में रोष उत्पन्न हो गया है। न्यायालय में सरकार के जवाब से स्पष्ट है कि प्रदेश में पीटीआई के पद समाप्त करने की साजिश रची जा रही है। बेरोजगार शारीरिक शिक्षक सरकार की इस नीति के खिलाफ सीएम के जोधपुर आगमन पर उग्र प्रदर्शन करेंगे।ओमप्रकाश जाखड़, संभागीय अध्यक्ष आल राज.प्र.बे.शा.शिक्षक संघ