उदयपुरडेमोकेट्रिक टीचर्स फंट्र ने मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी में पिछले माह हुई प्राध्यापकों की सीधी भर्ती में कुलपति प्रो. बीएल चौधरी द्वारा अनियमितता बरतने व अपने निकटस्थ लोगों को लाभ देने आरोप लगाया है।
फंट्र के अध्यक्ष डॉ. नरेश भार्गव ने आरोप लगाया कि कुलपति ने अपना कार्यकाल समाप्त होने के कुछ दिन पूर्व प्राध्यापकों की सीधी भर्ती में अनियमितता बरती है। फंट्र का किसी व्यक्ति विशेष से विरोध नहीं है, लेकिन यूनिवर्सिटी में चल रहे भाई भतीजावाद एवं योग्य लोगों के अधिकारों की अवहेलना का फ्रंट विरोध करता है।
ये हैं आरोप — कुलपति की पुत्रवधू डॉ. ज्योति चौधरी को पॉलीमर साइंस में सहायक आचार्य नियुक्त किया। ज्योति की पॉलीमर साइंस में डिग्री नहीं है। वह रसायन में अधिस्नातक है। साक्षात्कार में पॉलीमर साइंस में डिग्रीधारी कई प्रत्याशी थे। ज्योति नेट, स्लेट भी नहीं है। चयन पीएचडी के आधार पर है, जिसमें सत्तर फीसदी नकल है।
— भर्तियों से संबद्ध विज्ञापन में विधि संकाय के तीन पदों पर भर्ती का उल्लेख किया गया था, लेकिन भर्ती चार पदों पर कर दी गई, इनमें से एक प्रदेश के केबिनेट मंत्री रामनारायण डुडी की रिश्तेदार है।
— इस पद को खपाने के लिए राजस्थानी में होने वाली नियुक्ति को रद्द कर दिया गया। पदों का बढ़ाना विवि का अधिकार हो सकता है, लेकिन इसके लिए रोस्टर प्रणाली लागू करना अनिवार्य होता है। इसका उल्लंघन किया गया।
— हिंदी में विज्ञापित तीन पदों में एक ओबीसी के लिए आरक्षित व दो सामान्य श्रेणी के लिए थे। हिंदी में पहले स्थान पर डॉ. नीतू परिहार का चयन हुआ। ऐसे में ओबीसी का पद खाली हो गया जिसे ओबीसी से ही भरा जा सकता है, लेकिन यह पद सामान्य श्रेणी से भरा गया है।