अजमेर : रेल प्रशासन आधे-अधूरे इंतजामों के बीच अजमेर-चित्तौड़ ट्रैक पर तीन और नई ट्रेन चलाने की तैयारी में है। हालत यह है कि इस ट्रैक पर फिलहाल जो ट्रेनें चलाई जा रही हैं, उनकी स्थिति ही ठीक नहीं हैं। वह ना तो ब्रॉडगेज के लिए निर्धारित स्पीड के मुताबिक चल रही हैं और ना ही समय पर आ रही हैं। इससे यात्रियों के लिए यह ट्रेन सुविधा की जगह दुविधा बन गई हैं।
रेलवे के नियमानुसार ब्रॉडगेज ट्रैक पर संचालित यात्री ट्रेनों की औसतन रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे होती है। अजमेर-चित्तौड़ के नवनिर्मित ब्रॉडगेज ट्रैक पर बैलास्ट की कमी और दूसरे तकनीकी काम अधूरे रहने से पैसेंजर ट्रेनों का रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) द्वारा निर्धारित न्यूनतम स्पीड पर भी संचालन नहीं हो पा रहा है।
संरक्षा आयुक्त ने ट्रैक पर पैसेंजर ट्रेनों के लिए अजमेर से गुलाबपुरा तक 75 किलोमीटर, गुलाबपुरा से भीलवाड़ा तक 65 किलोमीटर और भीलवाड़ा से चित्तौड़ तक 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार की थी।
रेलवे के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अजमेर-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस को सुबह 6.15 बजे अजमेर से रवाना होकर 11.15 बजे उदयपुर पहुंचना चाहिए। वहीं अजमेर-रतलाम एक्सप्रेस को सुबह 8.25 बजे रवाना होकर शाम 4.40 बजे रतलाम पहुंचना होता है। ट्रेन अजमेर से तो समय पर रवाना तो होती है, लेकिन ना तो रतलाम सही टाइम पर पहुंचती है ना ही उदयपुर। उदयपुर व रतलाम से भी गाड़ी रोजाना डेढ़ से दो घंटे देरी से आ रही है।
ट्रेनें जो चल रही हैं
* अजमेर-रतलाम-अजमेर एक्सप्रेस
* अजमेर-उदयपुर-अजमेर इंटरसिटी एक्सप्रेस
शुरू होने वाली नई गाड़ियां
1 अगस्त से : अजमेर रतलाम एक्सप्रेस
2 अगस्त से : अजमेर-बांद्रा वाया रतलाम
3 अगस्त से : अजमेर सियालदाह अब इस ट्रैक से उदयपुर तक जाएगी।
* ब्रॉडगेज ट्रैक की औसत स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटा होती है, अजमेर-चित्तौड़ ट्रैक में परेशानी तो कुछ नहीं है, लेकिन काम जरूर बाकी है।
* सीआरएस ने जांच के बाद ही ट्रैक पर पैसेंजर ट्रेन चलाने की अनुमति दी थी। ट्रेन क्यों कम स्पीड से चल रही है, इस बारे में मंडल के अधिकारी ही बता सकते हैं।
* बैलास्ट की कमी को पूरा कर रहे हैं। ट्रैक की मशीन से जांच करनी है, मशीन मिलने में एक महीना लगेगा। जांच के बाद ही सौ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाई जाएगी।
-वी. एस. मलिक मुख्य अभियंता रेलवे निर्माण विभाग
* अजमेर-चित्तौड़ ट्रैक पर काम अभी अधूरा है। कुछ दिनों में काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद ट्रेनों की स्पीड बढ़ा दी जाएगी।
-सुनील गुप्ता, सीनियर डीओएम