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नहीं हो पाई यूनिवर्सिटी की बॉम

अजमेर: nsui आनन-फानन में इंटरव्यू कराने के बाद चहेते शिक्षकों की भर्ती के लिफाफे खोलने पर आमादा एमडीएस यूनिवर्सिटी के मंसूबे कामयाब नहीं हो पाए। कुलाधिपति व गर्वनर डॉ. ए. आर. किदवई के अग्रिम आदेश तक लिफाफे नहीं खोलने के आदेश से प्रशासन बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की बैठक नहीं करा सका। हालांकि देर रात तक कोई 'तोड़' निकालने की कोशिशें जारी थीं।

जिस नाटकीय ढंग से यूनिवर्सिटी ने 2 प्रोफेसर और 5 रीडर पद भरने के लिए इंटरव्यू कराए उससे प्रशासन की किरकिरी हुई। सोमवार को हर हाल में बॉम की मीटिंग में लिफाफों में बंद नाम खुलने तय थे। मगर जनप्रतिनिधियों की शिकायतों और हाइकोर्ट के नोटिस भेजने को गंभीरता से लेते हुए ऐन मौके पर राजभवन ने बॉम को स्थगित करने का फैक्स भेज दिया। एकाएक हुई कार्रवाई से प्रशासन की तैयारियों पर पानी फिर गया। कुलपति प्रो. एम. एल. छीपा ने तत्काल बॉम के मेंबरों को फोन पर बैठक स्थगित होने की सूचना दी।

बातें और बातें.. पदों में रिजर्वेशन की कथित अनदेखी के साथ राज्यपाल के प्रतिनिधि, डीन की गैर मौजूदगी, देर रात हुए इन्टरव्यू और उसके बाद बॉम का स्थगित होना।

जल्दबाजी में सामने आई हकीकत:यह वो सवाल थे, जिन पर यूनिवर्सिटी सहित पूरे शिक्षा जगत में चर्चा होती रही। लोग एक-एक पल की जानकारी फोन पर लेते रहे।

कोई तो गली निकालो..जिस तरह इन्टरव्यू पर रोक लगने के बाद प्रो. मधुकर श्याम चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी के खेवनहार बने। प्रशासन ने उन्हें सोमवार को दोबारा गर्वनर के पत्र का जवाब तैयार करने बुलाया। कुलपति प्रो. छीपा के साथ चतुर्वेदी और आला अफसर 'तोड़' निकालने के लिए मंथन करते रहे।

फिर अंधेरी रात में ! प्रशासन के भरसक प्रयास रहे कि बॉम सोमवार को हो। इसके लिए दिनभर अथक प्रयास किए गए। कयास यह भी लगे कि इन्टरव्यू की तरह फिर अंधेरी रात में बॉम होगी। लेकिन मेंबरों के मिजाज को देखते हुए प्रशासन साहस नहीं जुटा सका।

जल्दबाजी की वजह नियमों की मानें तो कुलपति कार्यकाल की समाप्ति के 60 दिन पहले अति महत्वपूर्ण निर्णय नहीं ले सकते। इस बीच वीसी सर्च कमेटी बन जाए तो कुलपति सिर्फ 'मोहर' बन जाता है। लिहाजा प्रशासन हर हालत में बॉम कराने पर आमादा था।

'सेवन वंडर्स' कौन प्रशासन जिन चहेतों की भर्ती करना चाहता है, उनके नामों की संभावित सूची पर कयास लगते रहे। हालांकि नाम लिफाफों में बंद हैं, लेकिन 'सेवन वंडर्स' कौन होंगे इसकी अस्थाई सूची सबने बना ली है।

इनमें जूलॉजी-डॉ.एमएम रंगा, बॉटनी- डॉ. पवन दाधीच, डॉ.दिलीप गैना और मनोज यादव। फिजिक्स-ऋषि बंसल, कॉमर्स-डॉ. निमित रंजन चौधरी या एनएस नरूका, संस्कृत-एस.शास्त्री, इतिहास-डॉ.सीएस कच्छावा या प्रणव देव, इकोनोमिक्स-डॉ. वीडी दशोरा शामिल हैं।

* गर्वनर ने यूनिवर्सिटी को अग्रिम आदेश तक बॉम में लिफाफे नहीं खोलने के लिए पाबंद किया है। बॉम के स्थगन के बारे में आदेश भी वहीं से भेजे गए हैं। -मीनाक्षी हूजा, प्रमुख शासन सचिव

* सुबह कुलपति ने मुझे बॉम की बैठक स्थगित होने की सूचना दी। इसके बाद उन्होंने और मैंने सभी मेंबरों को इसकी जानकारी दी। राजभवन के आदेश की अनुपालना की जाएगी। -एनके शर्मा, रजिस्ट्रार, एमडीएस यूनिवर्सिटी