जयपुर:
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के निवास पर तीन महीने बाद सोमवार को हुई जन सुनवाई में बिजली, पानी, जमीन पर कब्जों, तबादलों और महिला उत्पीड़न संबंधी मामलों की भरमार रही। मुख्यमंत्री ने इन मामलों पर सख्त कदम उठाते हुए बिजली कंपनी के एक सहायक अभियंता को निलंबित करने और आरएसी के एक जवान की तुरंत गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
जन सुनवाई में लंबे अंतराल के कारण लोगों की तादाद काफी ज्यादा थी। लिहाजा सुनवाई सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक जारी रही। मुख्यमंत्री निवास के भीतर भीड़ के कारण दोपहर एक बजे बाद मुख्य द्वार बंद कर दिया गया।
निलंबन, गिरफ्तारी के निर्देश बिजली चोरी के मामले को स्थानीय स्तर पर नहीं सुलझाकर सीधे मुख्यमंत्री के पास भेज देने के मामले में नादौती तहसील के सहायक अभियंता को निलंबित कर दिया गया।
इसके अलावा भरतपुर जिले की कुम्हेर तहसील में दहेज की मांग को लेकर अपनी पत्नी को दो बार जलाने का प्रयास करने के मामले में आरएसी के एक जवान सुरेंद्र को तुरंत गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। ममता के शरीर का आधा हिस्सा जला हुआ था। उसका आरोप था कि भरतपुर के एसपी आरोपी को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।
भाजपा प्रधान की शिकायत सपोटरा की प्रधान शकुंतला ने मुख्यमंत्री को बताया कि भाजपा पूर्व मंडल अध्यक्ष जगलाल मीणा उनकी बार-बार शिकायतें भेजकर परेशान कर रहे हैं। अधिकारियों को प्रधान के खिलाफ जांच नहीं भेजने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप ठीक तरह से अपना काम करती रहो, शिकायतों की चिंता मत करो।
शिक्षा अधिकारियों को फटकार केंद्र सरकार की ओर से जयपुर में माउंटेनियरिंग और स्नो स्कीइंग के लिए भेजी गई 19.80 लाख रुपए की राशि लौटाने के मामले में मुख्यमंत्री ने शिक्षा सचिव वीनू गुप्ता और सर्व शिक्षा अभियान निदेशक शुभ्रा सिंह को तलब किया तथा शिक्षा उप सचिव को फटकार लगाई।
दरगाह कमेटी भंग झुंझुनूं जिले के भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष पवन मावंडिया की शिकायत के बाद मुख्यमंत्री ने नरहड़ दरगाह कमेटी को तुरंत प्रभाव से भंग करने के निर्देश दिए। मावंडिया ने बताया कि दरगाह कमेटी में इस समय कांग्रेस के लोगों का कब्जा है।
बधाई देने वालों का भी तांता मुख्यमंत्री के सामने जन सुनवाई में फरियादियों के साथ बधाई देने वालों की तादाद काफी अधिक रही। कोई राजनीतिक नियुक्तियों के लिए बधाई देने पहुंच गया तो कोई अपनी नई किताब का लोकार्पण कराने के लिए।
विश्वविद्यालय शिक्षकों ने मांगा न्याय कार्यक्रम में विवि के 20 से अधिक शिक्षकों ने प्रथम और द्वितीय चरण में चयनित सभी अस्थायी शिक्षकों के साथ एक जैसा व्यवहार करने की मांग की। शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि राज्य सरकार प्रथम चरण में चयनित 154 शिक्षकों को स्थायी करने पर विचार कर रही है। इस प्रक्रिया में द्वितीय चरण के 125 शिक्षकों को शामिल नहीं किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
उप सचिव को चक्कर आए कार्यक्रम के बीच में मुख्यमंत्री कार्यालय के उप सचिव अनिल गुप्ता को चक्कर आ गए। वहां मौजूद एसएमएस अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एसएस राणावत और अन्य अधिकारियों ने गुप्ता को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।