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अपनी खूबसूरती से दुनिया भर के लोगों पर बिजली गिराने वाली ऐश्वर्या राय बिजली बनाने में भी यकीन रखती हैं। फिलहाल वे राजस्थान के मरुस्थल में ढाई मेगावाट क्षमता के दो पवन ऊर्जा संयंत्रों से हर साल 22 लाख यूनिट बिजली बना रही हैं। जी हां, यह बिल्कुल सच है।
दरअसल यह मामला गैर परंपरागत ऊर्जा का है। पश्चिमी राजस्थान के मरुस्थल में चलने वाली तेज हवाओं से पवन ऊर्जा बनाने की यह सरकारी कवायद 10 साल पहले शुरू हुई थी। यह अलग बात है कि सरकारी रियायतों के चलते अब पवन ऊर्जा संयत्र लगाने वाली कंपनियां यहां की बजाय महाराष्ट्र के सतारा व केरल राज्य में संयत्र लगाने में अधिक उत्सुक हैं।
10 साल में धीमी पड़ी गति : 10 साल पहले एनरकॉन, सुजलॉन और वेस्टॉस जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियां और विश्व सुंदरी ऐश्वर्या राय जैसी हस्तियां सामने आईं तथा जैसलमेर में सैकड़ों पवन ऊर्जा संयत्र लग गए।
फिलहाल ऐश्वर्या के संयंत्रों की देखभाल सुजलोन कंपनी करती हैं। यहां लगे कुल संयत्रों से करीब 447 मेगावाट तक बिजली भी बनने लगी थी, लेकिन अब यह गति थमने लगी है। अक्टूबर 2004 से लागू सरकार की नई नीति के चलते कुछ कंपनियां यहां से मुंह मोड़ रही हैं। यहां लगने वाले संयत्रों की संख्या दिन ब दिन घट रही है।
इनका कहना है...: बीते दो वर्षो में यहां लगने वाले संयत्रों की संख्या घटी है। इसका कारण नई नीति भी है, साथ ही कंपनी का ध्यान दूसरे राज्यों की तरफ जाना है। एक कारण यह भी है कि सभी संभावित कस्टमर मशीनें लगवा चुके हैं, नए कस्टमर आ नहीं रहे हैं। दिलीप पटेल, असिस्टेंट जनरल मैनेजर, प्रोजेक्ट, सुजलोन इंफ्रास्ट्रक्चर लि.