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विदिशा: ग्राम धुरैरा में पट्टे की जमीन को लेकर सोमवार की सुबह साढ़े चार बजे चार लोगों ने एक दलित को जिंदा जला दिया, जिससे उसकी जिला अस्पताल लाते समय रास्ते में मौत हो गई। आक्रोशित परिजन जिला अस्पताल में धरने पर बैठ गए। प्रशासन द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार करने और मुआवजा राशि दिलाने के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ।
ग्यारसपुर तहसील के ग्राम धुरैरा में 50 वर्षीय खिलानसिंह अहिरवार और उसके दो भाइयों को बारह साल पहले शासन से भूमि का पट्टा मिला था। इसी भूमि पर एक माह पहले गांव के रामसिंह यादव, राजेन्द्र यादव, परसराम यादव और महेंद्र यादव ने कब्जा कर फसल को ट्रैक्टर से हांक दिया था तथा खेत पर बने मकान को खाली करने की धमकी दी थी। मकान खाली न होने पर यह चारों लोग खेत में घात लगाकर बैठे थे।
सोमवार की सुबह चार बजे खिलानसिंह अहिरवार बाथरूम करने घर से बाहर आया, तो यह लोग उसे पकड़कर खेत में ले गए और उस पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। खिलान की चीख-पुकार सुनकर उसकी पत्नी और बेटों की नींद खुल गई और वे दौड़कर आए तथा पानी डालकर आग बुझाई, तब तक चारों वहां से भाग गए। परिवार के लोग खिलान को जली हालत में ग्यारसपुर थाने लेकर पहुंचे। पुलिस ने उसे अस्पताल भेजा, जहां से खिलान को विदिशा जिला अस्पताल रफर कर दिया गया। विदिशा लाते समय ग्राम कुआंखेड़ी के समीप उसने दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद लाश परिजनों को सौंप दी गई।
दलित व्यक्ति को जलाने की जानकारी मिलने पर कांग्रेस नेता सुभाष बोहत अस्पताल पहुंचे और परिजनों के साथ धरने पर बैठ गए। जिला प्रशासन द्वारा तत्काल दस हजार रुपए की राशि परिजनों को उपलब्ध कराई गई, वहीं ग्यारसपुर पुलिस ने ग्राम धुरैरा निवासी रामसिंह, राजेन्द्र, परसराम और महेंद्र यादव के खिलाफ धारा 302 भादंवि तथा एससीएसटी एक्ट का प्रकरण दर्ज कर तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि रामसिंह घटना के बाद फरार हो गया है। आरोपियों में राजेन्द्र और महेन्द्र तीसरे आरोपी परसराम के पुत्र हैं।