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अजमेर: डिस्कॉम में ग्रेजुएट हैल्परों को प्रमोट कर क्लर्क बनाया जाएगा। इस प्रक्रिया के लिए आवेदन पत्र सोमवार से मिलना शुरू हुए। यह फार्म 15 सितंबर तक मिलेंगे। इसके बाद पदस्थापन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
डिस्कॉम ने ग्रेज्युएट एवं इससे ज्यादा पढ़ाई करने वाले हैल्परों को क्लर्क बनाने का फैसला किया है। इसके लिए जरूरी है कि पदोन्नति पाने वाला कर्मचारी कम से कम तीन साल तक हैल्पर का काम कर चुका हो। डिस्कॉम ने यह शर्त भी रखी है कि ऐसे कर्मचारियों को केवल जनजातीय क्षेत्रों में ही लगाया जाएगा। इन इलाकों में कर्मचारियों की कमी चल रही है। अजमेर डिस्कॉम में 80 से ज्यादा पढ़े-लिखे हैल्पर हैं। ये एक साल से पदोन्नति की मांग कर रहे थे।
हैेैल्पर से पियोन का भी काम: डिस्कॉम में 870 पदों पर तकनीकी हैल्परों की कमी चल रही है। इसके बाद भी अधिकांश ग्रेज्युएट हैल्पर मृतक आश्रित कोटे में लगे थे। ये तकनीकी जानकारी के अभाव में दफ्तर में पियोन का काम करते थे लेकिन इनको तनख्वाह हैल्पर के बराबर मिलती है।
* आवेदन पत्र जारी किए गए हैं। इसके लिए शर्त्े भी दी गई हैं। शर्ते को पूरा करने वाले हैल्परों को ही बाबू के पद पर लगाया जाएगा। -रेणु जयपाल, सचिव, डिस्कॉम प्रशासन