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अटारीकांड पर बिफरे लोग

रायपुर नंदनवन मार्ग पर विवाहिता से गैंगरेप पर शहर में आज धरना, प्रदर्शन हुआ। लोगों ने कानून-व्यवस्था के खिलाफ जमकर गुस्से का इजहार किया।

युवा कांग्रेसियों ने शहर में रैली निकाली और कोतवाली के करीब गृहमंत्री रामविचार नेताम का पुतला दहन किया। प्रदेश अध्यक्ष योगेश तिवारी के नेतृत्व में गांधीचौक मैदान से गृहमंत्री के पुतले के साथ रैली निकाली। युवाओं के तेवर को देखते हुए पुलिस पहले से एलर्ट थी। जैसी ही रैली कोतवाली की ओर बढ़ी, जवानों ने रोक लिया। इस दौरान झूमाझटकी होती रही। इसी बीच पुतला फूंका गया। इस अवसर पर मनिंदर सिंह गिल, शरिक रईस खान, नितिन भंसाली समेत कई युवा मौजूद थे। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। यहां लगातार वारदातें हो रही हैं। इसके लिए सरकार जिम्मेदार है।

इसी मुद्दे पर कांग्रेस पार्षद दल ने धरना दिया। दल के नेता कुलदीप जुनेजा और प्रवक्ता प्रमोद दुबे के साथ बैठे कांग्रेसियों ने सरकार पर जमकर प्रहार किए। उन्होंने आरोपियों को फांसी दिए जाने की मांग की। उन्होंने आउटर में होने वाली शराब और नशाखोरी के लिए पुलिस प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। धरने में कांग्रेस सचिव सूर्यमणी मिश्रा, आनंद कुकरेजा, नागेंद्र तिवारी समेत सभी कांग्रेसी पार्षद व नेता शामिल थे। इधर, युकां के सुशील आनंद शुक्ला, राजीव ब्रिगेड के सुब्रत डे और संजीव अग्रवाल ने भी बलात्कार को शर्मनाक बताते हुए इसे पुलिस की ढिलाई का नतीजा बताया। छत्तीसगढ़ी समाज पार्टी के अनिल दुबे, मार्डन सेवा समिति के अध्यक्ष डा. एमके कौशल, प्रवक्ता प्रवीण कुमार आदि ने घटना की कड़ी निंदा की है।

शासन का नियंत्रण नहीं: महंत छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डा. चरणदास महंत ने घटना की निंदा करते हुए इसके लिए सरकार की अक्षमता को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि राज्यभर में सरेआम वारदातें हो रही हैं। व्यवस्था पर शासन का नियंत्रण नहीं रह गया है।

सड़क पर उतरी महिलाएं अटारीकांड से गुस्साए महिला संगठनों ने भी मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को सामाजिक संगठनों की महिलाओं ने जयस्तंभ चौक पर प्रदर्शन कर गुस्से का इजहार किया।

बलात्कारी के लिए नया और कड़ा कानून बनाओ, महिलाओं पर हमले, महिला उत्पीड़न, जाति के आधार पर बलात्कार—- क्यों व कब तक? इत्यादि नारों की तख्तियां लिए जिले के कई संगठनों की महिलाएं प्रदर्शन में शामिल हरुई। उनका कहना था कि इस केस में पुलिस की संवेदनहीनता का इससे बड़ा सबूत और क्या होगा कि इतने जघन्य सदमे से गुजरने के बाद भी पीड़ित महिला को बयान देने के लिए थाने में उसके पति के साथ घंटों बैठाया गया। संगठन की प्रतिनिधियों ने सरकार से पीड़ित को सम्मानजनक राशि देने की मांग की। शांभवी संस्था की अध्यक्ष जुलेखा जबीं ने बताया कि उनका संगठन आगामी माह में इस तरह के प्रशिक्षण शिविरों की शुरूआत करने जा रहा है। प्रदर्शन में प्रगति महिला मंच (कोटा), अंजुमन ख्वातीने मिल्लत सोसायटी, चिंगारी महिला समिति, संगवारी महिला समिति और बाल श्रमिक संगठन के लोग शामिल हुए।

मोतीबाग में आज बैठक कांग्रेस सहित कई महिला, सामाजिक एवं समाजसेवी संस्थाओं ने मंगलवार को शाम 4 बजे मोतीबाग में बैठक बुलाई है। जिसमें अटारी में नवविवाहिता से किए गए सामूहिक बलात्कार और लूट की घटना के खिलाफ विरोध जताने के साथ आंदोलन की रूपरेखा भी तय की जाएगी। बैठक में स्वस्फूर्त रायपुर बंद का निर्णय भी लिया जा सकता है। बैठक में बुद्धिजीवियों के अलावा शहर की सभी सामाजिक व समाजसेवी संस्थाओं, महिला मंडलों के साथ तमाम पार्टियों और दलों के पदाधिकारियों व सदस्यों को आमंत्रित किया गया है।