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सावन में होती है श्रंगार आरती

चंडीगढ़ श्री सत्य नारायण मंदिर सेक्टर-22 पहले सेक्टर-35 में था। वहां के बदले 1980 में इस मंदिर के लिए सेक्टर-22 में जगह अलॉट हुई। वर्ष-1990 तक यहां कच्चे मंदिर में मूर्ति रखकर पूजा-अर्चना चलती रही। यह जानकारी देते हुए श्री सत्य नारायण मंदिर सभा के प्रधान गिरधारी लाल मित्तल ने बताया कि इसके बाद पक्के मंदिर का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया जो वर्ष-1993 में बनकर तैयार हुआ। तब इसमें श्री सत्यनारायण, हनुमानजी, मां दुर्गा, शिव परिवार, संतोषी माता, रामदरबार, काली मां, शनिदेव, बाबा भैरव नाथ, शीतला माता और राधा-कृष्ण की मूर्तियां स्थापित की गईं।

सावन में यहां रोज श्री गणोश की पूजा, भगवान शिव का रुद्राभिषेक, कार्तिकेय पूजन और मां पार्वती की पूजा की जाती है। उसके बाद श्रंगार आरती और फिर मुख्य आरती होती है। सावन में एक बार भंडारा होता है जो इस बार 19 अगस्त को होगा। डेढ़ वर्ष पूर्व मंदिर परिसर में लैबोरेट्री बनाई गई जिसमें विभिन्न टैस्ट मुफ्त किए जाते हैं। शाम को होम्योपैथिक डिस्पेंसरी भी चलती है। इसके अलावा सिलाई-कढ़ाई सेंटर भी मंदिर कमेटी द्वारा चलाया जा रहा है।

वाणी में शांति,धर्म और सत्य हो वही शिव मंदिर के पुजारी पं. अजीत कौशिक ने शिव शब्द अर्थ समझाते हुए बताया कि जिनकी वाणी सत्य हो। अर्थात् जिसकी वाणी में शांति, धर्म और सत्य है वही शिव है।