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रविवि में छेड़छाड़ की जांच रिटायर्ड हाइकोर्ट जज को

रायपुर पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में प्रोफेसर द्वारा पीएचडी छात्रा से कथित छेड़छाड़ मामले की जांच हाईकार्ट के सेवानिवृत्त न्यायधीश से कराई जाएगी। इसका निर्णय आज कुलपति डा. लक्ष्मण चतुर्वेदी ने बैठक में लिया। उन्होंने बताया कि इस आरोप से विवि की छवि धूमिल हुई है। जांच से सच्चाई सामने आएगी।

वैशालीनगर भिलाई की एक शोधछात्रा ने रसायन विभाग के प्रोफेसर डा. शम्स परवेज पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा का आरोप है कि प्रोफेसर ने पीएचडी पूरी करने के लिए उसका शोषण करना चाहा। प्रोफेसर ने उसे रिसर्च के लिए मुंबई ले जाने का प्रस्ताव दिया था। इसकी लिखित शिकायत छात्रा ने रसायन विभाग की एचओडी प्रो रमा पांडेय से की थी। इस पत्र को प्रो. पांडेय ने कुलपति को सौंप दिया। छात्रा ने पत्र में गाइड बदलने की मांग भी की थी। पत्र मिलने के एक सप्ताह बाद भी विवि ने कोई कार्यवाही नहीं की, और न ही जांच के बारे में फैसला किया। मामले का खुलासा होने के बाद एनएसयूआई, राष्ट्रवादी कांग्रेस और छात्र संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में जमकर प्रदर्शन किया।

सूत्रों के अनुसार छात्रा तामस्कर साइंस कालेज की है। उसने 2003 में पीएचडी के लिए पंजीयन कराया था। उसके गाइड रसायन विभाग के प्रोफेसर डा. शम्स परवेज हैं। छात्रा वैशालीनगर भिलाई के एक निजी स्कूल में व्याख्याता भी है। वह धूल और प्रदूषण से होने वाले दुष्प्रभावों पर रिसर्च कर रही हैं।

नियमानुसार पीएचडी के लिए चार साल का समय होता है। इसके अनुसार उसे सितंबर तक शोधकार्य पूरा करना है। छात्रा का आरोप है कि प्रोफेसर ने पीएचडी रोकने की धमकी दी थी।