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जोधपुर: मुख्यमंत्री की जनसुनवाई में जिला प्रमुख अमिता चौधरी ने ऊर्जा मंत्री गजेंद्रसिंह खींवसर की जबर्दस्त खिलाफत की। मुख्यमंत्री से मंत्री के र्दुव्यवहार की दास्तां सुनाते हुए वह फफक कर रो पड़ीं। मंत्री की वजह से उनके एक रिश्तेदार का बिजली कनेक्शन नहीं हो पा रहा है। मुख्यमंत्री ने उन्हें शांत करते हुए मामले की फाइल अपने पास तलब कर ली है।
इंजीनियरिंग कॉलेज में चल रहे जनसुनवाई कार्यक्रम में शाम को जिला प्रमुख अमिता चौधरी भी फरियादी बन कर मुख्यमंत्री के सामने पहुंच गई। उन्होंने मुख्यमंत्री के पीछे बैठे डिस्कॉम के सीएमडी की ओर इशारा करते हुए कहा कि इन्होंने ऊर्जा मंत्री के इशारे पर उनके रिश्तेदार का कनेक्शन काट दिया है। उपभोक्ता मंच का फैसला उसके हक हो चुका है, मगर मंत्री कनेक्शन नहीं करने दे रहे हैं। वह कई बार उनसे आग्रह कर चुकी है, मगर वे उनकी बात पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, उल्टा धमका कर दादागिरी कर रहे हैं। एक मंत्री की ऐसी दादागिरी जिला प्रमुख के साथ है, तो आम जनता का क्या हाल हो रहा होगा। अपनी बात कहते हुए वह मुख्यमंत्री के सामने ही फफक कर रो पड़ीं। जिला प्रमुख के इस रवैये को देख कर मुख्यमंत्री और वहां मौजूद अन्य मंत्री हैरत में पड़ गए।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रमुख को शांत करते हुए कहा कि वह धैर्य रखें, वह फाइल मैं अपने पास मंगवा लूंगी। इसके पश्चात सार्वजनिक निर्माण मंत्री राजेंद्रसिंह राठौड़, खेल मंत्री युनूस खान व जन अभाव अभियोग समिति के अध्यक्ष एसएन गुप्ता उन्हें मंच से नीचे उतार कर सीट पर बैठाया और धैर्य रखने को कहा। जिला प्रमुख काफी देर तक सीट बैठी सुबकती रही।