अजय की प्रेमिका मर गई। वह अपनी प्रेमिका से बहुत प्रेम करता था। प्रेमिका की मौत के गम में वह बिलख-बिलख कर रोया। फिर उसके भाइयों ने उसे दिलासा देकर उसके कमरे में भेज दिया।
तीन दिन तक उसकी कोई आवाज घर में सुनाई नहीं पड़ी।
फिर एक दिन उसके चिंतित बड़े भाई ने उसके कमरे में जाकर देखने का फैसला किया अजय किस हाल में है। उसने ऊपर जाकर अजय के कमरे का दरवाजा खोला तो उसे घर की एक नौकरानी के साथ हमबिस्तर पाया।
अजय। बड़ा भाई आहत स्वर में बोला- अभी तो सिर्फ तीन दिन हुए हैं तुम्हारी प्रियतमा को मरे। यह तुम क्या कर रहे हो?
अजय ने नौजवान नौकरानी के आगोश से सिर उठाया और सहज भाव से बोला-मुझे क्या पता, मैं क्या कर रहा हूं। मैं तो प्रेमिका की मौत के गम में पागल हो गया हूं।