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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़ आजादी के साठ सालों में पंजाब ने बहुत कुछ हासिल करने के साथ काफी कुछ गंवाया भी है। देश के सामने अनाज के संकट को पंजाब ने हरित क्रांति से दूर किया। इस समय पंजाब के केंद्रीय अन्न भंडार में 24283 हजार टन अनाज है। हालांकि इस फ्रंट पर पंजाब ने अपनी दो तिहाई भूजल और भूमि की उर्वरा शक्ति गंवा दी है।
फसलों का उचित दाम न मिलने से पंजाब के किसान 25 हजार करोड़ रुपए के कर्ज तले दब गए, कईयों को आत्महत्या करने पर मजबूर होना पड़ा है। पंजाब ने 15 साल तक आतंकवाद का दंश भी झेला और शायद यह देश का पहला राज्य है, जहां के लोगों ने इसका सफाया भी किया। इस काले दौर की भेंट 30 हजार से ज्यादा नौजवान चढ़ गए और कई परिवारों की एक पीढ़ी ही कुर्बान हो गई।
राज्य का कुल घरेलू उत्पादन इस समय 89035.69 करोड़ रुपए है। पड़ोसी पहाड़ी राज्यों को केंद्र सरकार द्वारा कई औद्योगिक कर रियायतें देने के बावजूद आर्थिक विकास दर 4.93 फीसदी है। राज्य में इस समय 561 बड़े औद्योगिक यूनिट काम कर रहे हैं जिन्होंने 22354 करोड़ रुपए का निवेश किया है जबकि 2.05 लाख लघु इकाइयां हैं।