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जयपुर : डाक विभाग ने बिना पते की डाक पहुंचाने के लिए नई व्यवस्था शुरू की है। इस व्यवस्था में नए खुलने वाले स्कूल, शोरूम और अन्य व्यावसायिक संस्थान डाक भेज सकेंगे। यह डाक उन लोगों के ज्यादा उपयोग में आएगी, जो किसी कम्युनिटी या टारगेट ग्रुप को डाक भेजना चाहते हैं। इसके लिए डाकघर एरिया विशेष या एक निश्चित टारगेट ग्रुप को डाक वितरित करेंगे। डाक सेवाओं के निदेशक अंबेश उपमन्यु ने बताया कि यह आइडिया डाक विभाग के मार्केटिंग मैनेजर संतोष चतुर्वेदी का था।
11 अगस्त को मुंबई की एक शोरूम श्रंखला का जयपुर में उद्घाटन था। 9 अगस्त को उन्होंने डाक विभाग से साढ़े चार हजार निमंत्रण पत्र शहर के पॉश इलाकों में बांटने का काम बताया। कंपनी की इच्छा थी कि शहर के अच्छे इलाकों के लोग उद्घाटन में पहुंच जाएं। डाक विभाग ने 9 अगस्त को काम हाथ में लेकर 10 अगस्त तक सभी कार्ड बांट दिए। इस तरह से राजस्थान परिमंडल से एक नई सेवा की शुरुआत हो गई। इस सेवा को जारी रखा जाएगा।
कैसे काम करती है सेवा डाक भेजने वाले को इलाके का नाम और टार्गेट ग्रुप बताना होगा। पहली बार हुए परीक्षण में शोरूम के उद्घाटन समारोह में विशिष्ट लोगों को आमंत्रण भेजना था। डाक विभाग ने सी-स्कीम, मालवीय नगर, टोंक रोड और वैशाली नगर इलाकों के लोगों को निमंत्रण पत्र भेज दिए। इस सेवा में 20 ग्राम का एक लिफाफा भेजने के लिए डेढ़ रुपए और उससे ज्यादा प्रति 20 ग्राम के लिए एक रुपया देना होगा। इस सेवा का उपयोग करके नए खुलने वाले संस्थान फायदा उठा सकते हैं।