नई दिल्ली. नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 62वीं पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर एनजीओ मिशन नेताजी ने सांसदों से अपील की है कि वे रूस को नेताजी से संबंधित जानकारियां साझा करने के लिए कोई योजना बनाएं क्याेंकि अब तक नेताजी के बारे में कई रहस्य बने हुए हैं।
मिशन नेताजी के अनुज धर ने शुक्रवार को कहा कि नेताजी के बारे जानकारियों को साझा करने की दिशा में रूस को सहयोग के लिए तैयार करने संबंधी संसद में कोई योजना बनाई जाए और इसके लिए रूस को यह आश्वासन भी दिया जा सकता है कि किसी भी जानकारी के खुलासे के बाद दोनों देशों के मैत्रीपूर्ण संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
बैक फ्रॉम डैड : इनसाइड द सुभाष बोस मिस्ट्री नामक पुस्तक लिख चुके धर ने कहा कि रूस की तरफ से इस तरह की कोई पहल नहीं होगी, इसके लिए उच्च स्तर पर भारत को ही कदम उठाने होंगे। गौरतलब है कि मिशन नेताजी के इस आवेदन पर सूचना के अधिकार के तहत पिछले साल अगस्त में मांगी गई कुछ जानकारियों को मंत्रालय ने यह कहकर खारिज कर दिया था कि इन जानकारियों से भारत के रूस के साथ संबंधों पर असर पड़ सकता है।
गौरतलब है कि केंद्रीय सूचना आयोग ने कल विदेश मंत्रालय से कहा था कि 1945 में सुभाष चंद्र बोस के गायब हो जाने के सिलसिले में वह यूएसएसआर के साथ हुए पत्र व्यवहार का खुलासा करे।