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भोपाल. मध्य प्रदेश ईको टूरिज्म की दिशा में एक और नया आकर्षण प्रस्तुत करने की तैयारी में है। खंडवा जिले के इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर परिक्षेत्र में फैले 651 वर्ग किमी के हरे भरे जंगल को एक नए राष्ट्रीय उद्यान, दो अभयारण्य और दो संरक्षित क्षेत्रों में तब्दील किया जा रहा है।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इस क्षेत्र को नेशनल पार्क, अभयारण्य और संरक्षित क्षेत्रों में तब्दील किया जा रहा है और यहां अंजन के हजारों पेड़ हैं और प्रकृति की सुंदरता यकीनन पर्यटकों को आकर्षित करेगी। इस परिक्षेत्र में करीब 100 सुंदर द्वीप भी हैं।
नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष उदय कुमार वर्मा ने कहा कि परिक्षेत्र में बदल चुके इस वन में वन्य जीवन को प्राकृतिक आवास मुहैया कराने और उसकी सुरक्षा के लिए वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेस्ट मैनेजमेंट से सहयोग लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 1 अक्टूबर से शुरू किए जाने की योजना वाले इस ओंकारेश्वर नेशनल पार्क की कार्य योजना का आधार आईआईएफएम द्वारा तैयार की गई पर्यावरण पुनर्वास और विकास परियोजना रिपोर्ट है।
एनवीडीए के विनय कुमार वर्मन ने कहा कि ओंकारेश्वर नेशनल पार्क में कई वन्य जीवों जैसे चीते, तेंदुए, नीलगाय, सांभर, चीतल और चिंकारा आदि को नया प्राकृतिक आवास मिलेगा। इनके अलावा यहां कई स्थानीय और अप्रवासी पक्षियों के प्राकृतिक आवास का भी इंतजाम किया गया है।