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टीकमगढ़/जबलपुर:
छात्र संघ चुनाव संबंधी व्यवस्थाओं पर हुए विवाद के चलते कथित रूप से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार रात यहां के शासकीय पीजी कॉलेज के प्राचार्य व उनके बच्चों की पिटाई कर दी। पुलिस ने परिषद के आठ पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और इनमें से दो लोग गिरफ्तार कर लिए गए हैं। उधर, जबलपुर में एक प्रोफेसर की पिटाई के बाद एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष समेत 80 छात्र गिरफ्तार किए गए हैं। इन घटनाओं ने पिछले साल उज्जैन के माधव कॉलेज के प्रोफेसर एचएस सभरवाल की परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा कथित पिटाई के बाद मौत की घटना की यादें ताजा कर दी हैं।
टीकमगढ़ में प्राचार्य एससी चौरसिया ने दो दिन पहले छात्र संघ चुनाव के लिए एक प्रोफेसर को हटाकर दूसरे को चार्ज दे दिया था। इसी बात पर परिषद कार्यकर्ताओं का उनसे विवाद हो गया था। परिषद कार्यकर्ताओं ने रात 11 बजे डॉ. चौरसिया के घर में तोड़फोड़ कर उत्पात मचाया। प्राचार्य, उनके बेटे अमित और बेटियों श्रद्धा, शुभा और सुष्मिता चौरसिया के साथ मारपीट की गई। टीवी तोड़ दिया और कपड़े फाड़ दिए। प्राचार्य श्री चौरसिया ने देर रात कोतवाली पहुंचकर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई।
विद्यार्थी परिषद का घटना से इनकारटीकमगढ़
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक कुणाल चतुर्वेदी ने कहा है कि दो दिन पहले पिं्रसिपल के पुत्र अमित चौरसिया और उसके मित्र राहुल तिवारी ने हवाई फायर कर कालेज में आतंक फैलाने का प्रयास किया था। तब देशराज डागौर ने 17 अगस्त को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी लेकिन कार्यवाही ही नहीं हुई। कुणाल चतुर्वेदी का कहना है कि हम लोग तो प्रिंसिपल से छात्र संघ चुनाव के लिए मिले थे। हमने दलित कार्यकर्ता देशराज सिंह डागौर का नाम चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए बताया तो प्रिंसिपल भड़क उठे। प्रिंसिपल का कहना था कि वह दलित छात्र कालेज का अध्यक्ष नहीं बन सकता।
दूसरी ओर देर रात प्राचार्य द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने परिषद के जिला संयोजक कुणाल चतुर्वेदी, सह संयोजक देशराज डागौर, पूर्व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य शैलेंद्र अवस्थी, पूर्व जिला सहसंयोजक विशेष सोनी, सुनील यादव सहित तीन अन्य के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने देशराज और शैलेन्द्र को गिरफ्तार कर लिया है।
शनिवार दोपहर रूसिया मंडपम में पत्रकारों से चर्चा करते समय प्रभारी प्राचार्य श्री चौरसिया फूट फूट कर रो पड़े। उनका कहना था कि छात्र घर में घुसे और जमकर उत्पात मचाया। यहां तक कि मेरे बेटे, बेटियों से भी मारपीट की। इससे मेरा पूरा परिवार सहमा हुआ है। 32 साल में आज तक ऐसी घटना उनके साथ नहीं हुई। मुझ पर छात्र मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं।
अभाविप ने लगाया जाम प्रिंसिपल के पुत्र और उसके मित्र द्वारा कालेज में हवाई फायर किए जाने और रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के बाद भी कार्रवाई न होने पर विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने शनिवार शाम जिला अस्पताल चौराहे पर जाम लगाया। एसडीओपी एफएस रंधा को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
<< ये पूरी घटना असत्य बनाकर प्रस्तुत की गई है क्योंकि प्राचार्य और कांग्रेस नेता की गिरफ्तारी संभावित थी। दलित छात्र की शिकायत से बचने के लिए प्राचार्य ने पूरा नाटक रचा और अपनी बेटियों के सामने लाया है। इसके खिलाफ विद्यार्थी परिषद पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगा। विष्णुदत्त शर्मा, राष्ट्रीय मंत्री, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद
<< एनएसयूआई घटना की कड़ी निंदा करती है। पूर्व में भी विद्यार्थी परिषद ने उज्जौन में प्रो.सभरवाल के साथ मारपीट की थी। आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही होना चाहिए। प्रकाश चौकसे, विवि संयोजक, एनएसयूआई
जबलपुर में एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष समेत 80 गिरफ्तार जबलपुर
शहर के सेंट एलॉयसियस कॉलेज में छात्र संघ चुनाव संबंधी बैठक की मंजूरी एक छात्र समूह को दिए जाने से नाराज छात्रों ने एक प्रोफेसर के साथ हाथापाई की। इस मामले में पुलिस ने भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के जिला अध्यक्ष शशांक दुबे समेत 80 छात्रों को गिरफ्तार किया है। कॉलेज के प्राचार्य डेविड जार्ज ने कहा कि वे जल्द ही कोर्ट में एक याचिका पेश करेंगे, जिसमें कॉलेज में छात्र संघ चुनावों पर रोक लगाने की मांग की जाएगी।