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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर: मेडिकल कालेज के प्रोफेसर वीके जैन का मुंह काला करने से मचा तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को इस घटना के विरोध में जेल रोड और जयस्तंभ चौक पर चक्काजाम करने के बाद जूनियर डाक्टर हड़ताल पर बैठ गए। उन्होंने आरोपियों की क्षमायाचना के बगैर काम पर लौटने से इनकार कर दिया है।
जूडो ने सुबह 10 बजे हड़ताल का ऐलान किया। उसके बाद डाक्टरों ने मेडिकल कालेज के पोर्च में खड़े होकर पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमकर गुस्से का इजहार किया। आंबेडकर अस्पताल की ओपीडी में जूडो सुबह से नहीं गए थे। हड़ताल का ऐलान होने के बाद वार्ड में ड्यूटी करने वाले जूडो भी काम छोड़कर बाहर निकल आए। जूडो के प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल के एक-एक वार्ड में जाकर ड्यूटी करने वाले डाक्टरों को बाहर निकाला।
थोड़ी देर में पूरा अस्पताल जूडो से खाली हो गया। वार्ड में मरीज केवल वार्डब्वाय और नर्स के हवाले रह गए। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज जूडो की अस्पताल में तैनात पुलिस फोर्स के साथ बहस भी हुई। जूडो ने कई पुलिस वालों को कैंपस से बाहर भाग जाने को कहा। इससे दोपहर 12 बजे कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी।
जूडो हड़ताल का ऐलान होने के बाद कालेज और आंबेडकर अस्पताल के प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई। मेडिकल कालेज के डीन डा. सुबीर मुखर्जी ने आनन-फानन में कालेज काउंसिल की बैठक बुलाकर पूरे हालात की समीक्षा की। बैठक में इस स्थिति से निपटने के लिए जरुरी फैसले लिए गए। काउंसिल की बैठक में भी प्रोफेसर जैन के साथ हुई घटना की निंदा की गई।
काउंसिल की बैठक समाप्त होने के बाद डीन और अस्पताल अधीक्षक डा. विवेक चौधरी ने हड़ताली डाक्टरों को समझाने की कोशिश की। उन्होंने आंदोलनकारी डाक्टरों से कहा कि टीचर के साथ हुए कृत्य के विरोध में कालेज प्रशासन उनके साथ है, लेकिन विरोध करने के लिए शांतिपूर्ण रास्ता अपनाया जाए। अफसरों ने जूडो से हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया। जूडो ने अफसरों की पेशकश ठुकरा दी और वहीं नारेबाजी करने लगे। उसके बाद कालेज और अस्पताल प्रशासन के जिम्मेदार अफसरों की दोबारा बैठक हुई।
जूडो अध्यक्ष डा. विनय जायसवाल ने कहा कि भारतीय जनशक्ति पार्टी के जिम्मेदार पदाधिकारी जब तक इस घटना के लिए खेद नहीं जताएंगे, तब तक हड़ताल समाप्त नहीं की जाएगी। कालेज की घटना से क्षुब्ध जूडो ने शुक्रवार की रात ही हड़ताल के संकेत दे दिए थे। शनिवार को सुबह 10 बजे मेडिकल कालेज में जूडो और चिकित्सा छात्रों की बैठक हुई। उसमें जूडो और चिकित्सा छात्रों ने एक राय होकर हड़ताल करने का निर्णय लिया।
इधर, युवक कांग्रेस अध्यक्ष योगेश तिवारी के नेतृत्व में युवाओं ने घटना के विरोध में मौदहापारा थाने का घेराव किया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। स्टूडेंट फेडरेशन आफ इंडिया, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी और रिटेल केमिस्ट एसोसिएशन ने इस घटना विरोध करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। अस्पताल और कालेज में दिनभर फोर्स तैनात थी।
स्वास्थ्य विभाग से मांगे 68 डाक्टर उधार जूडो हड़ताल के दौरान चिकित्सा व्यवस्था बहाल रखने के लिए अस्पताल प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग से 68 डाक्टर मांगे हैं। अधीक्षक डा. चौधरी ने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से 8 डाक्टरों की लिस्ट उन्हें प्राप्त हो चुकी है। स्वास्थ्य संचालनालय से भी 60 डाक्टर भेजने पर सहमति दे दी गई है।
अधीक्षक ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों की वार्डे में इमरजेंसी ड्यूटी लगाई जाएगी। अफसरों ने दावा किया कि शनिवार दोपहर 12 बजे से अस्पताल के सीनियर डाक्टरों और स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों ने मोर्चा संभाल लिया है।
मौदहापारा टीआई सस्पेंड प्रोफसर के साथ बदसलूकी के मामले में एसएसपी बीएस मरावी ने मौदहापारा टीआई वीरेंद्र शर्मा को सस्पेंड कर दिया है। घटना के चंद मिनट बाद टीआई कालेज पहुंच गए थे। उनके सामने भारतीय जनशक्ति पार्टी के नेताओं ने नारेबाजी की और प्रोफेसर के साथ र्दुव्यव्हार किया था। प्रदर्शनकारियों को तुरंत गिरफ्तार न करने के आरोप में उन पर कार्रवाई की गई है। जूडो ने शुक्रवार से ही टीआई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।
इधर, पुलिस ने कालिख पोतने के आरोप में भाजश युवा प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष दीपक दुबे, सुनील तिवारी, प्रणय उर्फ बिट्टू तिवारी, ललित ठाकुर, रतेश्वर जगत, सौरभ मिश्रा, सुरेश गंधारे, तुलाराम निषाद और प्रेम तांडी को गिरफ्तार कर लिया है। सभी खुद ही जुलूस की शक्ल में गिरफ्तारी देने थाना पहुंचे थे। बलवा और प्रतिबंधात्मक धारा के तहत पकड़े गए आरोपी जेल भेज दिए गए हैं।
मैं तो खुदकुशी कर लेता-डा. जैन मेडिकल कालेज के प्रोफेसर डा. जैन ने पत्रकारवार्ता में कहा कि मेरे साथ जो गुजरा उससे मैं डिप्रेशन में चला गया था। मेरी मानसिक स्थिति ऐसी हो गई थी कि या तो मेरा हार्टफेल हो सकता था या मैं खुदकुशी कर लेता। दुख के ऐसे समय में जूडो ने आगे आकर मुझे सहारा दिया। डा. जैन ने कहा कि मैंने किसी की धार्मिक भावना को आहत पहुंचाने के लिए ऐसा नहीं किया है। डा. एमपी पुजारी ने शब्दों का गलत व्याख्या की। मैंने उन्हें लिखित में माफीनामा भेजा था। उसके बाद भी ऐसे हालात बने, यह समझ से परे हैं। मेरे कहने के आशय का गलत अर्थ निकाला गया है। उन्होंने कहा कि मुझे और मेरे परिवार को अभी भी जान का खतरा है।
कालेज के प्रोफेसर भी मैदान में कूदे मेडिकल कालेज के सीनियर डाक्टर भी डा. जैन के समर्थन में कूद पड़े हैं। सोमवार को छत्तीसगढ़ मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन की बैठक हुई। उसके बाद डाक्टरों ने घटना के विरोध में काली पट्टी लगाकर ड्यूटी की। एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. आरके सिंह ने बताया कि दोषी लोगों की तुरंत गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। ऐसा न होने पर सोमवार को पेन डाउन हड़ताल की जाएगी। उसके बाद भी उचित कार्रवाई न होने पर मंगलवार को बैठक लेकर विरोध की नीति तय की जाएगी।
आंबेडकर के सारे आरेशन रद्द जूनियर डाक्टरों की हड़ताल की वजह से आंबेडकर अस्पताल के मेजर ओटी के सारे आपरेशन कैंसिल कर दिए गए। जानकारों ने बताया कि जिस समय हड़ताल का ऐलान किया गया, उस दौरान सर्जरी, आर्थाेपेडिक, गायनिक, आप्थलमो और ईएनटी ओटी में आपरेशन की तैयारी चल रही थी। जूडो के प्रतिनिधि मंडल ने ओटी में आपेरशन के लिए तैयार हो रहे जूनियर डाक्टरों को बाहर बुला लिया। उनकी मदद के बिना आपरेशन संभव नहीं थे। इसलिए सारे आपरेशन टाल दिए गए।
अस्पताल के वार्डे का भी बुरा हाल था। वार्ड के मरीज वार्ड ब्वाय और नर्से के जिम्मे थे। हालांकि पीजी करने वाले असिस्टेंट सर्जन हड़ताल में शामिल नहीं हैं। परंतु 60-65 असिस्टेंट सर्जन के लिए 26 वार्डे को संभालना मुश्किल था। दो-दो, तीन-तीन वार्ड को एक-एक डाक्टर संभाल रहे थे। अस्पताल के जानकारों ने बताया कि इमरजेंसी वाले आपरेशन आपात चिकित्सा कक्ष के ओटी में किए जाएंगे।
अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रत्येक वार्ड से गंभीर मरीजों का ब्योरा मांगा है। ऐसे मरीजों की सूची भी तैयार की जा रही है, जिनका आपरेशन जल्द से जल्द करना जरुरी है। अस्पताल के जिम्मेदार अफसरों ने दावा किया है कि रविवार से स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य हो जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग के डाक्टर प्रत्येक वार्ड में जिम्मेदारी संभाल लेंगे।