जोधपुर:
हिरण शिकार के बहुचर्चित मामले में बॉलीवुड स्टार सलमान खान के भाग्य का फैसला शुक्रवार को होगा। जोधपुर की सेशन कोर्ट यह तय करेगी कि निचली अदालत की ओर से सुनाई गई सजा में बदलाव की जरूरत है या नहीं। फिल्म 'हम साथ साथ हैं' की शूटिंग के दौरान 28 सितंबर, 98 को घोड़ा फार्म के पास उजियाला भाखर पर हुए हिरण शिकार के मामले में तत्कालीन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बृजेंद्र कुमार जैन ने सलमान को दोषी ठहराते हुए पिछले साल 10 अप्रैल को 5 साल के कारावास व 25 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई थी। सलमान खान की इस फैसले के खिलाफ अपील पर सेशन न्यायाधीश कमलराज सिंघवी शुक्रवार को फैसला सुनाएंगे।
क्या हैं ठोस सबूत:
हिरण शिकार के मामले में जिप्सी चालक हरीश दुलानी ही एकमात्र चश्मदीद गवाह था। निचली अदालत ने उसके बयान व अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर सलमान को दोषी ठहराया था। दुलानी ने बयान दिया था कि 28 सितंबर 98 को सलमान समेत सभी आरोपी उम्मेद भवन से घोड़ा फार्म उजियाला भाखर पर गए। वहां पहुंचकर सलमान ने एक हिरण पर फायर किया। इसके बाद सलमान ने चाकू से उसका गला काट दिया। हिरण की तड़प-तड़प कर मौके पर ही मौत हो गई।
दुलानी के बयान की अहमियत:
सलमान के वकील एसआर बाजवा व हस्तीमल सारस्वत का कहना था कि दुलानी ने कोर्ट में झूठे बयान दिए, इसलिए कोर्ट ने उसके खिलाफ भी कार्रवाई की थी। ऐसे गवाह के बयान पर विश्वास कर सलमान को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है ।
क्या हैं संभावनाएं -
1. निचली अदालत के फैसले को विधि सम्मत करार दिया जाकर 5 साल की सजा को बरकरार रखा जा सकता है ।
2. निचली अदालत के फैसले में आंशिक संशोधन कर सजा को कम किया जा सकता है।
3. निचली अदालत के फैसले को विधि विरुद्ध करार देकर सलमान को बरी किया जा सकता है।