नई दिल्ली. मशहूर उद्योगपति रतन टाटा ने अमेरिका के साथ हुए परमाणु समझौते को भारत के हित में होने वाली एक बेहद महत्वपूर्ण घटना करार देते हुए कहा कि इस मुद्दे पर विपक्षी पार्टियों के रवैये के कारण बनी राजनीतिक अस्थिरता से देश के विकास पर बुरा असर पड़ सकता है।
भारत के निजी क्षेत्र के सबसे बड़े उद्योग समूह के अध्यक्ष रतन टाटा ने कहा कि इस मुद्दे पर बना राजनीतिक माहौल डराने वाला है क्योंकि 123 करार भारत के हित में है और इसके विरोध से भारत की प्रगति की गति धीमी पड़ जाएगी। जिस कामयाबी के फलक पर भारत फिलहाल है, भले ही वह उससे नीचे न उतरे लेकिन उसकी और ऊंची उड़ान में तो रुकावट आ ही जाएगी।
एक निजी टीवी चैनल के कार्यक्रम में टाटा ने कहा कि अमेरिका के साथ परमाणु करार भारत के लिए लंबे समय तक हितकारी रहने वाली सबसे बेहतरीन घटनाओं में से एक है। उन्होंने कहा कि इस समझौते के बाद ऊर्जा क्षेत्र में भारत के लिए संभावनाएं काफी बढ़ जाएंगी और वह बड़े पैमाने पर आगे कदम बढ़ा सकेगा। साथ ही, इससे पर्यावरण के लिए लाभकारी तकनीक भी मिलेगी। कुछ समय बाद इसके प्रभाव के रूप में ज्ञान उद्योग में भारत का रुतबा शानदार होगा, साथ ही उच्च तकनीक में शोध और विकास के क्षेत्र में भी।
टाटा ने तीखे शब्दों में कहा कि मुझे यह कहते हुए खेद है कि कई मुद्दों पर बेवजह राजनीति होती है। मुझे विश्वास है कि इस समझौते के न होने से अगर कोई खुश हो सकता है तो वह या तो पाकिस्तान होगा या चीन।