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अंतरराज्यीय तेल चोर गिरोह का पर्दाफाश

जोधपुर: oil सदर बाजार पुलिस ने देशभर में तेल की पाइप लाइन से कच्चा व परिष्कृत तेल चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ कर चार जनों को गिरफ्तार किया है। बिहार, महाराष्ट, झारखंड व पश्चिम बंगाल में वारदात करने के बाद अगला निशाना राजस्थान में कोट सालावास की पाइप लाइन थी, मगर उससे पहले ये पकड़ में आ गए। पाइप में छेद कर तेल चुराने दक्ष ये आरोपी जरूरत पड़ने पर खेत की जमीनें तक खरीद लेते थे।

सिटी एसपी हवासिंह घुमरिया ने बताया कि अपहरण के एक मामले में पूछताछ के बाद दिल्ली निवासी संजय बंसल, देवेंद्र मुग्दल, असम के डिब्रूगढ़ में रहने वाले कामाख्या पाठक व मास्टर उर्फ चेतन शर्मा को गिरफ्तार किया है। डीएसपी सुलेश चौधरी ने नाकाबंदी करवा कर मदनगंज में इन लोगों को पकड़वाया तो पूरी कहानी सामने आ गई। ये लोग कोट सालावास की पाइप लाइन का मुआयना करने के बाद वारदात की फिराक में थे। इस गिरोह ने पटना, भागलपुर, कटिहार, झूंझार, हरियाणा, गोगनछिया, बिहार, जामताड़ा, झारखंड व पश्चिमी बंगाल में भी इन्होंने तेल चोरी की कई वारदातें की हैं। राजस्थान को अगला निशाना बनाने के लिए पाठक ने जोधपुर में डा. प्रेम चौहान से संपर्क किया जो उसके साथ पढ़ा हुआ है। चौहान ने ही इन लोगों को होटल मोती महल में ठहराया था।

गैंग लीडर:
दिल्ली का व्यापारी डा. संजय बंसल यूं को शातिर ठग है। वह परचून के सामान की दलाली करते हुए लाखों रुपए की हेराफेरी कर चुका है। महाराष्ट्र में 70 लाख का चावल हड़प चुका है। धोखाधड़ी के 4 व चेक अनादरण के 8 मुकदमे पहले ही दर्ज हैं। दिल्ली में चोरी के तेल का बिल पर बिल्टी बनाने वालों ने ही उसका संपर्क कामाख्या पाठक से कराया। एक साल से ये लोग पूरे देश में घूम कर वारदात कर रहे हैं। पूरा पैसा बंसल ही लगाता है।

मास्टर माइंड‍:
कामाख्या पाठक इस गिरोह का मास्टर माइंड है। वह पहले गोगनछिया, बिहार में तेल चोरी के आरोप में पकड़ा गया है। इसका काम जगह तय करना तथा सप्लाई के लिए टैंकरों की व्यवस्था कर उसे बाजार में बेचना है। उसने कटियार में तेल चोरी करने के लिए एक खेत खरीद लिया था। झोपड़ी बना कर जुलाई में ड्रिलिंग शुरू कर दी, मगर खेत मालिक को पता चल गया और फिर बाढ़ आने के कारण वारदात में कामयाब नहीं हुआ।

टेक्निकल एक्सपर्ट‍:
गिरोह का टेक्निकल एक्सपर्ट मास्टर शर्मा है। उसका नाम चेतन है, मगर ड्रिलिंग और वाल्व लगाने में महारथ हासिल होने के कारण ही इसका नाम मास्टर हो गया। वह भी जामताड़ा, झारखंड में तेल चोरी के मामले में पकड़ा जा चुका है। वह पाइप लाइन पर छोटा पाइप वेल्ड कर उसमें से ड्रिलिंग करता है। बाद में पतला व नुकीला सरिया डाल कर उसमें छेद कर देता है। तेल की धार निकलने से पहले वह उस पर लीवर फीट कर देता है जिससे टैंकर भरा जाता है।

करोड़ों के वारे-न्यारे:
इस गिरोह के पास कच्चा व परिष्कृत तेल की पाइप लाइनों की पूरी जानकारी है। बीस मिनट में ये लोग पाइप लाइन में छेद कर लीवर लगा देते हैं। जबरदस्त बहाव से निकले तेल की धार से आधा घंटे में 80 हजार लीटर के टैंकर भर देते हैं। एक बार वाल्व व लीवर लगाने के बाद कई दिनों तक उसमें तेल टैंकर भर कर करोड़ों रुपए के वारे न्यारे करते थे।

जांच के पहलु:
पिछले आठ माह के भीतर गुड़ा एंदला थाना क्षेत्र में नवंबर 2006 व मार्च 2007 में तीन वारदातें हुई है, उनके आरोपी अभी तक पकड़ में नहीं आए हैं। पुलिस इन वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है। इसके अलावा दिल्ली में सक्रिय फर्जी बिल व बिल्टी बनाने वाले अग्निहोत्री व दत्ता आदि के बारे में अनुसंधान किया जा रहा है। देशभर में की गई वारदातों का भी रिकॉर्ड मंगवाया जा रहा है।

कई चीजें बरामद:
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ड्रिल मशीन, नुकीले सरिये, लीवर व बाल्व के नोजल पाइप आदि बरामद किए हैं। इसके अलावा एक दर्जन मोबाइल सिम भी जब्त किए हैं। बंसल अपना मोबाइल सात दिन में ही बदल कर नया सिम डाल देता है ताकि कभी पकड़ में नहीं आ सके। इसके अलावा कई चेक व ड्राफ्ट भी बरामद हुए हैं।

अपने ही जाल में फंसे:
कोट सालावास पाइप लाइन में सेंध मारने आया यह गिरोह अपने ही जाल में फंस गया। बंसल ने राजस्थान में वारदात करने के लिए अब तक करीब चार लाख रुपए खर्च कर दिए, मगर काम नहीं होने के कारण वह झल्ला गया। होटल में इनके बीच झगड़ा हुआ तो वह चार लाख की वसूली के लिए कामाख्या व मास्टर को अपनी कार में डाल कर ले गया। कामाख्या हल्ला कर रास्ते में उतर गया और मास्टर के अपहरण का मुकदमा दर्ज करवा दिया। नाकाबंदी में मास्टर मदनगंज में पकड़ा गया तो उसने हकीकत बयां कर दी।





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