मानसून में अक्सर सितारे बादलों की ओट में गुम जाते हैं। इस मानसून में कानूनी मुश्किलों के बादल फिल्मी सितारों पर भारी पड़ रहे हैं। नकली किसानी के चक्कर में फंसे अमिताभ बच्चन ‘कभी गुस्सा कभी गम’ का भाव दिखाते जो भी दांव चल रहे हैं, वही उलटा पड़ रहा है। मुन्ना भाई संजय दत्त 23 दिन जेल में बिताकर कुछ दिन के लिए बाहर आए हैं।
अब सलमान खान के अंदर जाने की बारी है। जोधपुर सत्र न्यायालय ने निचली अदालत द्वारा सलमान को दी गई सजा बरकरार रखी है। निचली अदालत ने वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत 10 अप्रैल 2006 को सलमान को पांच साल की कैद और 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई थी। सलमान पर 1998 में ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के दौरान चिंकारा का शिकार करने का आरोप था ।
सलमान की अपील खारिज होना जहां उनके प्रशंसकों के लिए झटका है, वहीं विश्नोई समाज के लिए जीत और जश्न का एक खास मौका है। विश्नोई समाज ने ही सलमान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इस प्रकृति पूजक समाज के लोग हर हाल में सलमान को सींखचों के पीछे देखना चाहते हैं।
उधर, सलमान के प्रशंसकों का तर्क है कि इस देश में लोग आदमियों की हत्या करके बच निकलते हैं, लेकिन सलमान को वन्यजीव की हत्या के लिए सजा दी जा रही है। उनका मानना है कि सलमान को सेलिब्रिटी होने की सजा मिल रही है। समर्थकों की अपनी भावनाएं होती हैं और भावनाओं को तर्क की कसौटी पर नहीं कसा जाता, वरना उन्हें समझाया जा सकता था कि वही बच निकलते हैं, जिनका अपराध साबित नहीं होता, फिर चाहे वह किसी आदमी की हत्या का मामला हो या किसी वन्यजीव का।
सलमान का अपराध साबित हो चुका है। और यह तथ्य भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि चिंकारा कोई सामान्य वन्यजीव नहीं है। विश्नोई समाज की धार्मिक भावनाएं इससे जुड़ी हुई हैं।
जहां तक सेलिब्रिटी स्टेटस की बात है, निश्चित ही सितारों के अपराध मीडिया के निशाने पर होते हैं, लेकिन कोर्ट के फैसले कानून की धाराओं के आधार पर दिए जाते हैं, मीडिया की खबरों के आधार पर नहीं। वैसे भी चूंकि एक सितारा बहुत से लोगों का रोल मॉडल होता है, उसके अपराध को आम आदमी के अपराध से बड़ा ही माना जाना चाहिए।
जब कोई व्यक्ति सेलिब्रिटी स्टेटस की जगमगाहट और सुविधाओं का आनंद लेता है तो उसे अपने स्टेटस के कारण बढ़ी हुई सामाजिक जिम्मेदारी का भी ध्यान रखना चाहिए। हालांकि संजय दत्त और सलमान खान इन दिनों अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को काफी संजीदगी से ले रहे हैं, पर पुराने अपराधों की सजा तो भोगनी ही पड़ेगी।