अमृतसर
चंद रुपयों की खातिर 15 साल के एक युवक राजू द्वारा अपना जीवन बर्बाद कर लेने का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है। इसमें एक युवक कुछ महिलाओं के जाल में फंस खुद भी लड़कियों की तरह ही रहना पसंद करने लगा।
राजू की इन हरकतों से परेशान हो चुके उसके पिता कपिल कुमार ने बताया कि उनका बेटा राजू दसवीं क्लास में अच्छे अंक लेकर पास हुआ और उसके बाद उसकी रुचि लड़कियों की तरह सजने, संवरने और रोजमर्रा घरेलू कार्यो की तरफ लग गई। जिसने अपना नाम भी बदल कर कविता रख लिया हुआ है। परेशानी में फंसे बाप ने बताया राजू अपनी मां के कपड़े पहन कर गलियों-बाजारों में आधी-आधी रात तक घूमता रहता था। शक होने पर उसने उसे कई बार समझाने का प्रयास किया, किंतु उस पर लड़की बनने का जनून ही सवार था।
दुखी बाप ने बताया कि राजू इन हरकतों से रोकने के लिए उसने उसकी कई बार पिटाई भी की, किंतु वह अपनी जिद्द पर टस से मस नहीं हुआ। सारे परिवार को बदनामी का डर भी सताने लगा, लेकिन राजू सिर्फ उन्ही की बातें मानता है, जो उसे लड़की कहकर पुकारते हैं।
स्वीकृति दी, तो कई राज खुल कर आए सामने राजू के पिता ने बताया कि राजू की जिद्द को देख आखिर जब उन्होंने उसे यह कहा कि वे उसे लड़की मानने को तैयार हैं, पहले उसे यह बताना होगा कि आखिर उसमें यह बदलाव आए कैसे हैं? तो उसने जो तथ्य बताए, वह दिल दहला देने वाले थे। उसने बताया कि उसका कुछ ऐसी महिलाओं से संपर्क हो गया था, जो वेश्यावृति का धंधा करती और करवाती है। यह महिलाएं उसे कुछ रुपयों का लालच देकर अपने साथ ले जाया करती थी और चाय में बेहोशी की दवा पिला कर उसे अलग-अलग पुरुषों के साथ सैक्स स्थापित करवाने पर मजबूर करती थीं।
पैसे और नशे ने उसे इस रास्ते पर जाने के लिए विवश कर दिया। इसी बीच राजू ने भी बताया कि अक्सर यह औरतें उसे स्कूल से भी छुट्टी दिलवा कर इसी काम के लिए अपने साथ ले जाया करती थीं। इस बात का जब उसकी मां को पता चला, तो उसने राजू उन महिलाओं के पास जाने से रोकने का काफी प्रयास किया। परिणाम क्या निकला कि राजू ने अपनी मां से ही लड़ना शुरु कर दिया।
आपरशन के जरिए कविता बनने को उत्सुक राजू राजू के बाप ने बताया कि राजू अब लड़की बन कविता के नाम पर अपनी जिंदगी गुजारना चाहता है। जो अपने घर वालों की किसी भी बात को सिर्फ इसी शर्त पर मानता है कि उसका डाक्टरी इलाज करवा कर उसे लड़की बनाया जाए।
दुखी बाप ने कहा कि वे मध्यम वर्ग परिवार से संबंधित है। उन्होने प्रशासन और विभिन्न समाजिक संगठनों से अपील की कि उनके बेटे राजू का भविष्य बर्बाद होने से बचाया जाए ताकि एक बचपन पैसे के लोभियों द्वारा पैदा किए गए अंधेरे में कहीं गुम न हो जाए।