उदयपुर: शहर के आलोक स्कूल, हिरणमगरी के छात्र अर्पित कावड़िया की गैर इरादतन हत्या की आरोपी टीचर इंदिरा सामर की जमानत अर्जी हाईकोर्ट ने शुक्रवार को स्वीकार कर ली। श्रीमती सामर शनिवार को केंद्रीय कारागृह से रिहा होगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार आलोक स्कूल में संस्कृत की अध्यापिका इंदिरा सामर पर गत 26 जुलाई को बारहवीं कक्षा के छात्र अर्पित कावड़िया की पिटाई करने का आरोप है। पिटाई के कारण अर्पित अस्वस्थ हो गया और 2 अगस्त को उसकी अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी। जिला एवं सत्र अदालत से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद इंदिरा सामर की ओर से हाईकोर्ट में जमानत अर्जी पेश की गई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने जमानत स्वीकार करते हुए इंदिरा सामर को रिहा करने का आदेश दिया। जमानत के दस्तावेज उदयपुर पहुंचने के बाद शनिवार को ही श्रीमती सामर की रिहाई हो सकेगी।
बचाव पक्ष की दलील:
श्रीमती सामर के अधिवक्ता दिलीप कावड़िया ने कहा कि छात्र अर्पित की मौत का कारण शिक्षिका द्वारा पिटाई करना अविश्वसनीय है। अर्पित को अस्पताल में दाखिल करते समय शैया टिकिट पर अंकन किया गया कि पिटाई के बाद अर्पित स्कूल में फुटबॉल खेलने गया था, मैदान में गिरने से उसके काफी चोटे र्आई थी। इन चोटों की वजह से भी उसकी मृत्यु की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता है।
अभियोजन की दलील:
शिकायतकर्ता के वकील संजय माथुर एवं अभियोजन अधिवक्ता विशालराज मेहता ने आरोपी अध्यापिका इंदिरा सामर को जमानत देने का विरोध करते हुए कहा कि मात्र शैया टिकिट पर अंकन के आधार पर यह नहीं माना जा सकता है कि अर्पित की मृत्यु पिटाई से नहीं हुई है।
क्या है मामला?:
* गत 26 जुलाई 07 को अर्पित की कक्षा में पिटाई।
* एक अगस्त 07 को अर्पित की तबीयत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
* 2 अगस्त 07 को अर्पित की इलाज के दौरान मृत्यु।
* परिजनों की ओर से हत्या का मामला दर्ज।
* स्कूल के बाहर अभिभावकों व छात्रों का हंगामा, स्कूल में कुछ दिन पढ़ाई ठप रही।
* 6 अगस्त 07 को अग्रिम जमानत खारिज।
* 7 अगस्त 07 पुलिस के समक्ष समर्पण।
* 8 अगस्त को जेल भेजा
* जिला एवं सत्र अदालत से जमानत अर्जी खारिज
* 24 अगस्त 07 को हाईकोर्ट ने जमानत अर्जी स्वीकार की।