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International International पोर्ट मोर्सबी :
पापुआ न्यूगिनी द्वीप में परिजनों द्वारा देखभाल न कर पाने और एचआईवी एड्स फैलने की आशंका के चलते अपने ही परिजनों को जिंदा ही दफना देने का मामला सामने आया है। एचआईवी एड्स मरीजों की देखभाल करने में जुटे एक स्वास्थ्यकर्मी ने यह सनसनीखेज खुलासा किया है। संयुक्त राष्ट्र की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार प्रशांत महासागर इलाके में 90 फीसदी एड्स मरीज पापुआ न्यूगिनी में ही हैं।
एड्स को लेकर जागरुकता के अभियान से पिछले पांच माह से जुड़ी स्वास्थ्यकर्मी मार्गारेट मराबे के अनुसार उन्होंने खुद पांच लोगों को जिंदा दफनाए जाते हुए देखा है। दफनाए जाने के वक्त इन लोगों की सांस चल रही थी। मार्गारेट दक्षिणी प्रशांत महासागर में स्थित पापुआ न्यूगिनी के दक्षिणी पठारी इलाके में काम कर रही हैं।
हालात का खुलासा करते हुए सिहर उठने वाली मार्गारेट के अनुसार एक मरीज तो सिर पर मिट्टी डालते हुए मां-मां चिल्ला रहा था। मार्गारेट स्वयंसेवी संस्था ‘इगेट होप’ के लिए काम करती हैं।
संस्था के नाम का मतलब वैसे तो है ‘मेरी उम्मीद अभी जिंदा है,’ लेकिन लोगों को जिंदा दफन करते हुए देखकर अब मार्गारेट भीतर तक दहल गई हैं। संवाददाताओं से एचआईवी एड्स के मरीजों को जिंदा दफन किए जाने की जानकारी देते हुए मार्गारेट ने स्वीकारा कि जिंदा दफन लोगों में से एक तो उसकी रिश्तेदार थी।