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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़ पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने साध्वियों से रेप, रामचंद्र छत्रपति और रंजीत सिंह मर्डर के आरोपी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। इसके अलावा हाईकोर्ट ने अम्बाला के सीजेएम को आदेश दिए हैं कि डेरामुखी की अम्बाला कोर्ट में पेशी की तारीख 31 अगस्त के बजाय 15 सितंबर या उसके बाद रखे।
कोर्ट का मानना था कि तब तक इस मामले में डेरामुखी की जमानत पर फैसला सुना दिया जाएगा। हाईकोर्ट के इन आदेशों के साथ अब डेरामुखी को सीबीआई हाईकोर्ट में उनकी जमानत पर फैसला आने तक गिरफ्तार नहीं कर सकती और डेरामुखी को अब 31 अगस्त को अम्बाला स्थित सीबीआई कोर्ट में पेश होने की भी जरूरत नहीं।
तीनों मामलों की सुनवाई पर आदेश: जस्टिस एल.एन.मित्तल ने यह आदेश बुधवार को डेरामुखी द्वारा तीनों मामलों में मांगी जमानत पर दोनों पक्षों को सुनने के बाद दिए। सीबीआई ने इन तीनों ही मामलों में 30 जुलाई को डेरामुखी के खिलाफ अम्बाला की सीबीआई अदालत में चार्जशीट दायर की थी। इस पर सीबीआई की विशेष अदालत ने डेरामुखी को समन जारी कर 31 अगस्त को अम्बाला कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए थे।
सीबीआई ने मांगी थी कस्टडी: इसी मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए डेरामुखी ने हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मांगी थी। जमानत पर सुनवाई के दौरान सीबीआई की दलील थी कि उन्हें मामले में डेरामुखी की कस्टडी चाहिए। सीबीई का कहना था कि डेरामुखी को सेक्शन 438 के तहत अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती क्योंकि उनके खिलाफ चार्जशीट पेश की जा चुकी है। दूसरी ओर डेरामुखी के वकील का कहना था कि बाबा पर लगे सभी आरोप झूठे हैं और इनके पीछे पंजाब सरकार का हाथ है।