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अजमेर:
सूफी संत ख्वाजा गरीब नवाज की जियारत के लिए आए पाकिस्तान के एक सांसद समेत तीन नागरिकों में से एक बिना वीजा ही चला आया। जियारत के दौरान शक होने पर सीआइडी (इंटेलिजेंस) ने हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान उसके साथ आए दो भारतीय दोस्तों ने गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन पाक नागरिक से जब सवाल किए गए तो पोल खुल गई। बुधवार को मुंबई से वीजा और पासपोर्ट आने के बाद उसे छोड़ा जाएगा।
दोपहर करीब 12 बजे पाकिस्तान के सिंध प्रांत से सांसद गनी तालपुर, उनके साथी सिकंदर असद और कराची निवासी ज्ञानुमल जियारत के लिए आए। वे एक सम्मेलन में शामिल होने मुंबई आए थे और अपने दो भारतीय दोस्तों के साथ यहां चले आए। सीआइडी (इंटेलिजेंस) के एडिशनल एसपी गजानंद वर्मा के मुताबिक पाकिस्तानी जायरीन के निजामगेट पर पहुंचते ही सब इंस्पेक्टर गुलाबसिंह को शक हुआ।
पूछताछ की तो तालपुर और सिकंदर ने अपने पासपोर्ट व वीजा दिखा दिए। ज्ञानुमल से जैसे ही पूछताछ शुरू की, उनके भारतीय साथियों ने उसे महाराष्ट्र का एमएलए बताया। सिंह ने ज्ञानुमल से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का नाम पूछा तो वह जवाब नहीं दे सका। सिंह ने फिर उससे देश की पहली महिला राष्ट्रपति के बारे में सवाल किया तो वह बगले झांकने लगा। सख्ती करने पर ज्ञानुमल सच उगल गया कि उसका मुंबई तक का ही वीजा है। पासपोर्ट और वीजा दस्तावेज भी मुंबई ही छोड़ आया है।
वर्मा ने बताया कि ज्ञानुमल से पूछताछ कर ली है। उसके यात्रा संबंधी दस्तावेज आने का इंतजार है। बुधवार को उसके संबंध में कार्रवाई की जाएगी।
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