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नोखा (बीकानेर): नोखा से करीब छह किलोमीटर दूर हिंयादेसर मार्ग पर मंगलवार रात एक फैक्ट्री धंस गई। हादसे में दो जनों की मौत हो गई, वहीं पांच जने घायल हो गए। घायलों में तीन को बीकानेर में पीबीएम अस्पताल में भर्ती करवाया है। नोखा गांव के पास हिंयादेसर मार्ग पर नमकीन फैक्ट्री ओसिया मां प्रोडक्ट इंडस्ट्रीज मंगलवार रात को अचानक धंस गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करीब नौ बजे फैक्ट्री में अचानक विस्फोट की आवाज सुनाई दी। मौके पर जाकर देखा तो फैक्ट्री करीब 20 फीट गहरे गड्ढ़े में धंस हुई थी। घटना में फैक्ट्री मालिक संतोषकुमार बैद (नोखा) और सुनील पारीक (जयपुर) की मौत हो गई। सुनील फैक्ट्री में नमकीन के पाउच सप्लाई करने आया था। शाम के समय वह फैक्ट्री में संतोषकुमार के साथ इस संबंध में मिलने पहुंचा था। हादसे में दिनेश भगत, मुकेश और अमृताराम गंभीर रूप से घायल हो गए, वहीं रामसिंह और दिनेश समदड़िया को मामूली चोटें आई। गंभीर रूप से घायल तीनों व्यक्तियों को बीकानेर पीबीएम अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
वहीं रामसिंह और दिनेश को नोखा में ही प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। घटना की सूचना मिलते ही रीको उद्योग संघ के अध्यक्ष रामकिशन राठी, पालिकाध्यक्ष कन्हैयालाल झंवर घटनास्थल पर पहुंच गए, वहीं नारायण झंवर एंबुलैंस लेकर पहुंचे। इस दौरान वृत्ताधिकारी आदर्श चौधरी और थाना प्रभारी भागलाराम भी पहुंच गए और घायलों को नोखा अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में आसकरण भट्टड़ ने ग्रामीणों के सहयोग से घायलों का प्राथमिक उपचार करवाया। वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने पास में चल रहे नहर निर्माण स्थल से जेसीबी मशीन मंगवाकर मलबा हटाने के प्रयास शुरू कर दिए। देररात तक मलबा हटाने का काम जारी था। आशंका जताई जा रही है कि मलबे में कोई और मजदूर धंसा हो सकता है।
गांव में दहशत
नोखा गांव के पास हिंयादेसर मार्ग पर प्रशासन ने जैसे ही नमकीन फैक्ट्री के मलबे को हटाने का प्रयास शुरू किया पास की खाली पड़ी जमीन भी धंसने लगी। इससे एकबारगी लोगों में दहशत फैल गई। जमीन के लगातार धंसने की सूचना मिलते ही नोखा गांव के लोग भयभीत हो गए। हर कोई घटना के बारे में जानकारी लेने के लिए अस्पताल और घटनास्थल की ओर रवाना हो गया।