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सावर / अजमेर: पुलिस को धत्ता बता कर फरार हुए कुख्यात आरोपी मंगलवार को केकड़ी उपखंड के पीपलाज गांव में खुलेआम संगीन वारदात को अंजाम दे गए। अपराधियों को तलाशने का दावा कर रही पुलिस एक बार फिर हाथ मलती रह गई।पुलिस पर हमला करने वाला कुख्यात अपराधी विश्राम जाट और एनएसयूआई शहर उपाध्यक्ष पर हमला कर फरार हुए आदतन अपराधी केसर सिंह ने पांच अन्य युवकों के साथ पीपलाज गांव में एक युवक से मारपीट की और हवाई फायर किया। पुलिस ने नाकेबंदी की, संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन अपराधी हाथ नहीं आए।
कुख्यात अपराधी केसर सिंह, विश्राम जाट सहित चार- पांच युवकों ने पीपलाज में मदन सिंह पीपरोली के घर डेरा जमा रखा था। संदिग्ध लोगों को गांव में देखकर स्थानीय निवासी जितेंद्र सिंह ने मदन सिंह से युवकों के बारे में पूछताछ की। उसे जितेन्द्र की इस तरह पूछताछ नागवार गुजरी। इस बात को लेकर दोनों में हल्की तकरार भी हुई।
बाद में जितेन्द्र गांव में गणोश जी की छतरी चौक पर आकर बैठ गया। लगभग पन्द्रह मिनट बाद केसर सिंह, विश्राम जाट, मोनू पुत्र गोपाल सिंह और मदन सिंह पुत्र भोलू सिंह सहित तीन अन्य युवक मोटर साइकिलों पर यहां आए और उन्होंने जितेन्द्र की जोरदार पिटाई कर दी। देशी कट्टे से फायर कर जितेंद्र को धमकी दी कि यदि उसने किसी को कुछ बताया तो वे उसे जिंदा नहीं छोड़ेंगे। हमलावर फिल्मी अंदाज में हथियार लहराते हुए गांव से फरार हो गए।
जितेन्द्र सिंह ने सावर थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विश्राम , केसर , मोनू और मदन सिंह सहित चार अन्य युवकों के खिलाफ 323, 143 और आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने नाकेबंदी कर संदिग्ध ठिकानों पर दबिश भी दी गई। केकड़ी वृत्ताधिकारी सरिता सिंह सहित आस-पास के थानों से सावर पहुंची पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने की रणनीति भी बनाई। पुलिस को खबर मिली कि अपराधी जिले की सीमा से बाहर निकल चुके हैं। एएसपी (ग्रामीण) सुरेंद्र कुमार ने केकड़ी थाना पहुंचकर सर्किल के पुलिस अधिकारियों की बैठक लेकर अपराधियों के नजदीकी लोगों पर नजर रखने को कहा। उल्लेखनीय है कि मोनू डकैत धनसिंह के चाचा आदतन अपराधी गोपाल सिंह का पुत्र है।
सियासी रसूखात
जाट के राज्य के दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं से रसूखात हैं, उसकी सियासी पहुंच का अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि उसके पास गंगानगर से तीन हथियारों के लाइसेंस हैं। लगातार आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के बाद भी उसके लाइसेंस रद्द नहीं किए जा सके हैं।
* विश्राम जाट और केसर सिंह की पुलिस को पहले से तलाश है। दोनों ने मंगलवार को सावर में फिर एक वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश की थी, लेकिन दोनों प्रमुख आरोपियों सहित अन्य आरोपी भी जिले की सीमा से बाहर निकल चुके हैं। पुलिस ने आस-पास के दूसरे जिलों में अपराधियों की सूचना देकर तलाश शुरू कर दी है।
-सुरेंद्र कुमार, एएसपी (ग्रामीण)
धनसिंह गिरोह का सरगना बनना चाहता है विश्राम
पुलिस पर हमला कराकर गिरफ्त से फरार हुआ कुख्यात अपराधी विश्राम जाट धनसिंह गिरोह का सरगना बनना चाहता है। डकैत धनसिंह के जेल में बंद होने के बाद जाट ने उसके गिरोह के सदस्यों से संपर्क कर उन्हें अपने साथ शामिल करने का सिलसिला शुरू कर दिया है।