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कोटा: शंखनाद व घंटे-घड़ियालों की अनुगूंज में कृष्ण जन्म के दर्शन खुले। पूरा नंदग्राम रात्रि को कृष्णजन्मोत्सव में डूब गया। हर व्यक्ति कान्हा की एक झलक पाने को लालायित था। करीब आधे घंटे के लिए होने वाले दर्शन के लिए जैसे ही पट खुले तो घंटों से इंतजार कर रहे दर्शनार्थियों की जैसे बाढ़ आ गई। भगवान के दर्शनों के लिए मध्यरात्रि में भी पूरा पाटनपोल जाग रहा था। टिपटा से लेकर पाटनपोल तक पूरा क्षेत्र दुल्हन की तरह जगमगा रहा था। विद्युत रोशनी में डूबा नंदग्राम दर्शनार्थियों से भरा हुआ था।
बड़े मथुराधीश मंदिर में जन्माष्टमी पर सुबह से ही अलग-अलग दर्शनों का दौर शुरू हो गया था। सुबह पांच बजे पंचामृत स्नान के दर्शन के बाद तिलक और राजभोग के दर्शन हुए। शाम को उत्थापन, भोग, और आरती के दर्शन श्रद्धालुओं ने किए। शाम 7 बजे से देर रात्रि तक दर्शनार्थियों का तांता लगा हुआ था। उनकी एक झलक पाने के लिए श्रद्धालुओं में होड़ लगी हुई थी।
नंदोत्सव आज
बड़े मथुराधीश मंदिर में बुधवार सुबह नंदोत्सव मनाया जाएगा। इसमें श्री वल्लभ वैष्णव सेवा समिति की ओर से पंजीरी का प्रसाद वितरित किया जाएगा। साथ ही बुधवार को शाम को मिलन कुमार गोस्वामी मजाराज की पदरावनी की जाएगी।