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International International इस्लामाबाद:
पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति मुशर्रफ से पूछा है कि सेनाध्यक्ष और राष्ट्रपति, दोनों पदों पर बने रहने का उनका कार्यकाल कब समाप्त होगा।
सप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली सात सदस्यीय खंडपीठ ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए राष्ट्रपति मुशर्रफ के वकील शरीफुदीन पीरजादा से कहा है कि वे इस संबंध में अपने मुवक्किल से पूछकर स्थिति को स्पष्ट करें कि दो दो पदों पर वे कब तक बने रहेंगे।
मुताहिदा मजलिसे अमल के अध्यक्ष काजी हुसैन ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी और वर्ष 2004 में बनाए गए ऑफिस एक्ट को चुनौती थी। इसी एक्ट के तहत मुशर्रफ दोनों पदों पर अपना अधिकार बनाए हुए हैं। याचिका में यह भी कहा गया कि मुशर्रफ वर्ष 2003 में ही 60 साल पूरे कर चुके हैं, और सेना प्रमुख के पद पर बने रहने का अधिकार खो चुके हैं।
मुशर्रफ के वकील पीरजादा ने अदालत से समय मांगा है ताकि वे अपने मुवक्किल से बात करके अदालत में स्थिति स्पष्ट कर सकें। इस पर चीफ जस्टिस इफ्तिखार चौधरी ने कहा कि जवाब में स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। अदालत ने सुनवाई कलतक के लिए स्थगित कर दी।
गौरतलब है कि पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के साथ सत्ता हस्तांतरण को लेकर चल रही बातचीत में भी मुशर्रफ से सेना की वर्दी छोड़ने कहा गया था । यह बातचीत अभी जारी है।