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नई दिल्ली: हर साल ट्रेनों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ यात्रियों की शिकायतें भी बढ़ती जा रही हंै। आम यात्रियों ने 2006-07 में रेलवे के खिलाफ कुल 23,507 शिकायतें दर्ज करई जो पिछले साल की तुलना में सात प्रतिशत अधिक हैं। अधिकतर शिकायतें रेलवे कर्मचारियों की बदसलूकी, पैसेंजर बुकिंग में समस्या, पूछताछ आफिस का काम न करना और ट्रेनों के लेट चलने से संबंधित हैं।
यात्रियों की समस्याओं के निदान में जुटे रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘शिकायतों को 21 वर्र्गो में बांटा गया है। हमने पाया कि इनमें से 50 प्रतिशत शिकायतें खान-पान, साफ-सफाई, ट्रेनों के समय-पालन, पूछताछ आफिसों की क्रियाशीलता और कर्मचारियों के र्दुव्यवहार से संबंधित हैं। डिब्बों और स्टेशनों की साफ-सफाई, खानपान सेवा, बिस्तर की खराब गुणवत्ता की शिकायतें भी देशभर से भारी तादाद में मिली हैं।
शिकायतों का अंबार :
* 2006-07 में रेलवे कर्मचारियों के अनुचित व्यवहार के संबंध में 2,171 शिकायतें मिलीं।
* पैसेंजर बुकिंग के संबंध में 29,73।
* ट्रेनों के देरी से चलने के खिलाफ 2,650।
* 1,455 शिकायतें पूछताछ आफिस के कामकाज के संबंध में।
* खानपान व वेंडिंग सेवाओं के खिलाफ 1,023 शिकायतें।
चार स्तर पर दर्ज होती हैं शिकायतें :
रेलवे स्टेशन के अलावा डिवीजनल मुख्यालयों और जोनल आफिसों में भी शिकायत दर्ज की जा सकती है। रेल भवन में भी शिकायत दर्ज होती है। अधिकारी ने बताया, ‘प्रधानमंत्री कार्यालय, मंत्रिमंडल सचिवालय और अन्य मंत्रालयों से भी हमें शिकायतें प्राप्त होती हैं।’