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कम हो सकती हैं रॉयल्टी की दरें

जयपुर: रॉयल्टी की दरों में बढ़ोतरी पर मचे बवाल को देखते हुए राज्य सरकार इनमें कमी कर सकती है। इसे लेकर विचार चल रहा है और बुधवार को सकारात्मक फैसला लिए जाने की उम्मीद है। खान मंत्री लक्ष्मीनारायण दवे ने मंगलवार को इस आशय के संकेत दिए।

रॉयल्टी को लेकर चार दिन से प्रदेश में खनन कार्य ठप पड़ा है। व्यवसायी एकजुट होकर आंदोलन कर रहे हैं। जगह-जगह धरना-प्रदर्शन व चक्काजाम हो रहे हैं। हजारों वाहनों के पहिए जाम हैं। राज्यभर में निर्माण कार्य रुके हुए हैं। इससे एक ओर अर्थ व्यवस्था पर असर पड़ रहा है और दूसरी ओर कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका भी पैदा हो गई है। राजस्थान रॉयल्टी सेल्स टैक्स कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन, राजस्थान क्रेशर एसोसिएशन व राजस्थान हाफ बॉडी ट्रक यूनियन के पदाधिकारी खान मंत्री लक्ष्मीनारायण दवे से मिल चुके हैं। अन्य संगठनों ने भी राज्य सरकार के सामने अपना विरोध जताया है। गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया व भाजपा सांसद किरण माहेश्वरी भी रॉयल्टी को लेकर मुख्यमंत्री व खान मंत्री से मुलाकात कर अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं।

बढ़ते विरोध को देखते हुए खान मंत्री दवे ने भी उसने रविवार व सोमवार को मिले विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों को कुछ खनिजों की रॉयल्टी दर पर पुनर्विचार करने के संकेत दिए थे। उन्होंने मंगलवार को बताया कि आंदोलनरत संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। रॉयल्टी दरों में की गई वृद्धि पर पुनर्विचार के लिए बुधवार को सचिवालय में खान मंत्री दवे की मौजूदगी में अधिकारियों व विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों की बैठक होगी।

मार्बल एक्सपोर्ट थमा, कांडला से खाली गया जहाज
रॉयल्टी दरों में वृद्धि के कारण खदानों में लदान बंद होने का असर अब एक्सपोर्ट पर भी पड़ रहा है। कांडला पोर्ट तक माल नहीं पहुंचने से सोमवार को चीन से आया जहाज खाली लौट गया।

उदयपुर संभाग से ग्रीन व ऑनेक्स (मिक्स कलर) मार्बल के ब्लॉक्स गत दिनों कांडला भेजे गए थे, लेकिन रॉयल्टी दरों में वृद्धि के बाद 1 सितंबर से खदानों में लदान बंद हो गया। इस वजह से एक्सपोर्ट होने वाला माल कांडला पोर्ट तक नहीं पहुंच सका। पर्याप्त माल नहीं होने पर जहाज में माल ले जाने से इंकार कर दिया गया। निर्यातकों की मांग पर ही जहाज माल लेने आता है। गत दिनों जहाज बुलवाया गया था, लेकिन माल नहीं पहुंचने के कारण उसे खाली लौटना पड़ा।

उदयपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष व अरावली मिनरल्स के मालिक मांगीलाल लुणावत ने बताया कि उनकी फर्म का आधा माल कांडला पहुंच चुका है और आधा अभी भेजना बाकी है। ऐसे करीब बीस निर्यातकों का माल भेजना शेष है। उन्होंने बताया कि एक जहाज में आठ से दस हजार टन माल विभिन्न देशों के लिए भेजा जाता है।

चीन से आया था जहाज
लुणावत ने बताया कि जहाज चाइना से आया था, क्योंकि वर्तमान में अधिकांश माल चाइन में ही निर्यात किया जा रहा है। एजेंट के माध्यम से ही जहाज का किराया तय किया जाता है। ऐसा पहली बार हुआ है, कि माल भेजने में असमर्थता जताई गई है। उनका कहना है कि कांडला पोर्ट से सर्वाधिक मार्बल एक्सपोर्ट होता है। किराये को लेकर एजेंट के साथ विवाद की स्थिति रहेगी, जिसका बाद में बंदोबस्त किया जाएगा। हर पंद्रह दिनों में एजेंट के माध्यम से ही अलग-अलग देशों में माल भेजा जाता है।

सात हजार टन मिनरल्स का निर्यात
उदयपुर डिवीजन का करीब पांच हजार टन माल पोर्ट पर पड़ा है। उन्होंने बताया कि बुधवार को जयपुर में बैठक के बाद ही हड़ताल की स्थिति साफ हो पाएगी।

उदयपुर से डिवीजन से पांच हजार टन मार्बल और दो हजार टन अन्य मिनरल्स कई देशों में प्रतिमाह निर्यात किया जा रहा है। ग्रीन व ऑनेक्स मार्बल के अलावा ग्रेनाइट व सोपस्टोन इटली, इजिप्ट, अमेरिका, जर्मनी, सऊदी अरब, ओमान, सीरिया, चीन आदि देशों में निर्यात किया जाता है।

रॉयल्टी विवाद : दोनों पक्ष आमने-सामने

खान मंत्री दवे ने कहा- गलती दिखी तो ठीक कर लेंगे-
* रॉयल्टी किस आधार पर तय करेंगे?
— दोनों पक्षों से बातचीत करने के बाद।

* रॉयल्टी 50 साल में 8 रुपए प्रति टन हुई और अब इसे बढ़ाकर 50 रुपए टन कर दिया। दर इतनी ज्यादा क्यों बढ़ाई?
— इसलिए कि अन्य क्षेत्रों में दरें इसी अनुपात में बढ़ी हैं।

* आपने कहा था आम आदमी से जुड़ी चीजों पर रॉयल्टी कम करेंगे?
— हमने आम आदमी का पूरा ध्यान रखा है। तभी तो बातचीत कर रहे हैं।

* आप दरें कब कम करेंगे?
— सभी पक्षों के तर्क बुधवार को सुनेंगे। इसके बाद ही कुछ तय हो सकेगा।

* दरें कितनी कम करेंगे?
—त्रुटि नजर आएगी, ठीक कर ली जाएगी।

* क्या आपको एहसास नहीं था कि इन दरों का विरोध होगा?
— यह सब लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। हम इस इश्यू पर बात कर रहे हैं।

हल नहीं निकला तो संघर्ष : मोदी
राजस्थान स्टोन क्रेशर एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष जयनारायण मोदी से सवाल-जवाब —
* आप रॉयल्टी किस आधार पर चाहते हैं?
— दर में ज्यादा से ज्यादा 25 प्रतिशत बढ़ोतरी हो।

* तात्कालिक रूप से आप सरकार से क्या चाहते हैं?
— नोटिफिकेशन को सस्पेंड कराना।

* सरकार के रुख को लेकर आपका क्या मानना है?
— खान मंत्री ने पूरी बात सुनी है। हमें उम्मीद है, वे कल तक इसका हल निकाल लेंगे। नहीं निकला तो संघर्ष तो रास्ता है ही।





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