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नई दिल्ली: ऊंची ब्याज दरों के कारण वाहन निर्माता त्योहारी सीजन में भी वाहनों की मांग ज्यादा बढ़ने की उम्मीद नहीं कर रहे हैं। वहीं सरकार वाहन उद्योग को भरोसा दिला रही है कि निर्यात बढ़ाने में मदद की जाएगी।
वाहन कंपनियां त्योहारी मौसम के दौरान बिक्री में वृद्धि को लेकर सुनिश्चित नहीं हैं। टाटा मोटर्स ने बुधवार को माना कि वह त्योहारी मौसम में बिक्री बढ़ने की ज्यादा उम्मीद नहीं कर रही है। मारुति की राय भी है कि वह बिक्री पर प्रोत्साहन योजनाएं जारी रखेगी। टाटा मोटर्स के एमडी रविकांत का कहना है कि त्योहारी मौसम में मांग तब तक नहीं बढ़ेगी, जब तक ब्याज दरों में पर्याप्त कटौती नहीं होती।उत्पाद शुल्क में कटौती :
1. भारी उद्योग मंत्री संतोष मोहन देव ने वाहन निर्माता संगठन (सियाम) के कार्यक्रम में कहा है कि पहले चार माह में वाहन उद्योग का कामकाज उम्मीद से कम रहा है। अगर जरूरत पड़ी तो सरकार पूरे मामले में हस्तक्षेप करेगी।
2. देव ने वित्त मंत्रालय को पत्र लिखकर उत्पाद शुल्क में कटौती का आग्रह किया है। देव ने माना कि पहली बार वाहन खरीद रहे व्यक्ति के सामने महंगे कर्ज की समस्या है। देव ने घरेलू मांग के अभाव में निर्यात बढ़ाने का आग्रह किया है। कब बढ़ती है मांग:
आमतौर पर वाहनों की मांग साल के अंत में बढ़ती हैं, जब कर्मचारियों को बोनस मिलते हैं और कंपनियां डिस्काउंट के प्रस्ताव लाती हैं। इस साल ब्याज दरें ऊंची रही हैं, जिसका असर मांग पर पड़ा। कार व ट्रक कर्ज लेकर खरीदे जाते हैं और ऊंचे ब्याज ने जहां बिक्री पर असर डाला है, वहीं रुपए की मजबूती के कारण निर्यात में कमी आई है। अगस्त में टाटा मोटर्स के पैसेंजर वाहनों की बिक्री 5 फीसदी गिरी है। मारुति की बिक्री अगस्त में 27 फीसदी बढ़ी है, फिर भी यह अब डीलरों व ग्राहकों को इंसेटिव बांटने की योजना बना रही है।
एमडी जगदीश खट्टर का कहना है कि मांग बढ़ाने के लिए कुछ न कुछ प्रयास किए जाएंगे, क्योंकि त्योहारी मौसम में मांग बढ़नी चाहिए।
* सरकार प्रयास करेगी कि अर्थव्यवस्था के वाहन उद्योग जैसे उभरते क्षेत्र का बचाव किया जाएगा। डब्ल्यूटीओ में भी सरकार का यही रुख रहेगा।
-कमलनाथ, वाणिज्य मंत्री
भविष्य में पहिए
-2008, फरवरी
अशोक लीलैंड दुबई कारखाने में 50 करोड़ रुपए के निवेश से बस बनाएगी।
-2007-08
लैंड रोवर और जगुआर खरीदने के प्रयास में लगी महिंद्रा एंड महिंद्रा इटली में डिजाइन कंपनी अधिग्रहीत कर सकती है।
-2009
रेनो व निसान के साथ महिंद्रा चेन्नई में कार बनाने का काम शुरू कर देगी। इसमें 4000 करोड़ रुपए का निवेश।
-2007-2010
होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर 3-4 नए माडल लांच करेगी और 400 करोड़ का निवेश करेगी। तीन साल में उत्पादन क्षमता 12 लाख हो जाएगी।
-2008
महिंद्रा स्कार्पियो का हाइब्रिड वर्जन लांच करेगी। अगले साल इनजेनिनो भी सड़क पर होगी, जिसमें डीजल एंजिन लगा होगा।
-2007-08
टाटा मोटर्स कमर्शियल वाहन टाटा एस को दक्षिण अफ्रीका में उतारेगी।