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नई दिल्ली/ मुंबई: अंतरराष्ट्रीय बाजार में जिस तरह से गेहूं की कीमतें चढ़ रही हैं, भारत जैसे खरीदार मुश्किल में हैं और गेहूं बेचने वाले मजे में। भारत की गेहूं आयात की योजना अब कीमतों के चक्कर में फंस गई है। जब भी भारत गेहूं आयात के टेंडर बुलाता है, कीमतें चढ़ जाती हैं।
जून में एसटीसी ने 325.59 डॉलर (13000 रुपए) प्रति टन की कीमतें चुकाई थीं। नए टेंडर के भाव 385-434 डॉलर (16000 रुपए) आंके जा रहे हैं। भारत कीमतें कम करने के लिए कंपनियों से आग्रह कर रहा है। कोट की गई कीमतों के अलावा भाड़े की ऊंची दरें भी आयात कठिन बना रही हैं।
उत्तर अमेरिका और यूरोप की फसल अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें कम नहीं कर पाई है। आस्ट्रेलियाई फसल बाजार की दिशा तय करेगी। आस्ट्रेलियाई फसल का अनुमान लगने के बाद अंतरराष्ट्रीय गेहूं बाजार की असली तस्वीर सामने आ सकेगी।
भारत ने आस्ट्रेलिया से कंटेनर में गेहूं आयात करने का विकल्प खुला रखा है, उससे दिसंबर 2007 में दक्षिण भारत में कीमतें घटाई जा सकेंगी। मुश्किल बात यह है कि दुनियाभर को मालूम हो गया है कि भारत गेहूं खरीदना चाहता है और वे प्रीमियम वसूलना चाहते हैं।
क्यों चुकाएं ऊंची कीमत:
गेहूं का संग्रहण कम रहने के कारण भंडार में 40-50 लाख टन की कमी है। अक्टूबर में जब कीमतें बाजार में बढ़नी शुरू होंगी तो सरकार को भंडार में से गेहूं बाजार में लाना पड़ेगा। इसके अलावा सरकार को 9 लाख टन गेहूं हर महीने पीडीएस में देना होगा। निकट भविष्य में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें कम होती नहीं दिखतीं, इसलिए सरकार को निरंतर आयात करने की रणनीति अपनानी होगी। उससे कीमतें अचानक नहीं चढ़ेंगी।
घरेलू बाजार:
दिल्ली में गेहूं दड़ा 1015-1020 रुपए प्रति क्विंटल चल रही हैं और दक्षिण भारत में 1240-1260 के भाव में फ्लोरमिलें खरीदी कर रही हैं। सरकार को सतर्कता रखनी होगी कि ऊंची कीमतें नहीं चुकाई जाएं।
एक साल में अंतरराष्ट्रीय बाजार में गेहूं की कीमतें 70 फीसदी बढ़ गई है। आस्ट्रेलिया के सूखे और यूरोप में कम उत्पादन के कारण गेहूं का स्टाक दुनिया में ऐतिहासिक रूप से कम है। भारत में पिछले साल गेहूं की कीमतें कमजोर आपूर्ति के कारण घट गई थीं और फ्यूचर बाजार से उसका कोई संबंध नहीं था। दुनिया में गेहूं की कीमतें और भी चढ़ सकती हैं।
देश में गेहूं का उत्पादन बढ़ नहीं रहा है और सरकार भी इस बारे में सुनिश्चित नहीं है। भारत को अंतरराष्ट्रीय बाजार में गेहूं की और मात्रा तलाशनी होगी।