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गैस सिलेंडर का झंझट खत्म होगा

जयपुर:gas जयपुर में मल्टीस्टोरी बिल्डिंग्स में रहने वालों को घरेलू गैस खत्म होने, सिलेंडर की बुकिंग कराने, लीकेज जैसी माथाफोड़ी से निजात मिल जाएगी। इंडियन ऑयल कॉपरेरेशन लिमिटेड जयपुर में रेटीक्यूलेटेड सिस्टम लगाने जा रहा है। इसके तहत भूमिगत टैंक से मल्टीस्टोरी बिल्डिंग्स के फ्लैट्स की रसोई तक पाइपलाइन से रसोई गैस पहुंचाई जाएगी।

शहर में अभी करीब आधा दर्जन बहुमंजिला इमारतों में फिलहाल कुछ सिलेंडरों का एक चैंबर बनाकर गैस सप्लाई की जा रही है, लेकिन आईओसीएल राजस्थान में पहली बार भूमिगत टैंक के माध्यम से यह सुविधा देने जा रही है। जयपुर आए आईओसीएल के निदेशक (विपणन) जीसी डागा ने ‘भास्कर’ को बताया कि राज्य के बड़े बिल्डरों व कॉलोनाइजरों से बातचीत अंतिम चरण में है।

योजना के तहत मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में जमीन के अंदर एक बड़ा कंटेनर बनाकर उसे पाइपलाइन के जरिए फ्लट्स की रसोई से जोड़ा जाएगा। रसोई में बिजली के मीटर की तरह एलपीजी का रीडिंग मीटर लगा होगा। हर माह के अंत में बिल के माध्यम से एलपीजी का भुगतान करना होगा। यह सुविधा जयपुरवासियों को 6 माह के अंदर मिल जाएगी। गैस की कीमत तो वही रहेगी, पर डिलीवरी का चार्ज नहीं लगेगा। इसके तहत 50 से 1000 कनेक्शन तक दिए जा सकेंगे।

क्या सुविधाएं
गैस बुकिंग कराने के झंझट से मिलेगी मुक्ति। सिलेंडर के लिए दौड़ खत्म होगी। हॉकर व रीफिलिंग के चार्ज से मुक्ति मिलेगी। गैस खत्म होने की चिंता नहीं रहेगी। लीक होने की आशंका नहीं रहेगी। गैस का दुरुपयोग नहीं हो पाएगा। सिलेंडरों से गैस चोरी के कारण कम गैस मिलने की आशंका नहीं रहेगी।

आर्थिक रूप से क्या फायदा
घरेलू गैस सिलेंडर 298 रुपए का मिलता है। 14.2 किलो वाले इस सिलेंडर में 8 रुपए प्रति सिलेंडर घर तक के डिलीवरी चार्ज होते हैं। डिलीवरी चार्ज के 8 रु. की बचत होगी।

नई शुरुआत
डागा ने बताया कि कंपनी की ओर से राजस्थान में कई नई योजनाओं की शुरुआत की गई है। इनमें एक्स्ट्रा केयर पंप, किसान सेवा केंद्र के अलावा अब चित्तौड़गढ़ में ऑयल टर्मिनल बनाया जा रहा है। 25 सितंबर को इसकी शुरुआत हो जाएगी। इस टर्मिनल से चित्तौड़गढ़, उदयपुर, कोटा व भीलवाड़ा को पेट्रोल, डीजल व केरोसिन वितरित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि जयपुर में एक्स्ट्रा केयर पंपों पर फिलहाल खासा जोर है। अब तक एक दर्जन ऐसे पंपों पर पेट्रोल-डीजल के अलावा वाइपिंग, लुब्रीकेटिंग, क्लीनिंग, सर्विसिंग सहित अन्य अतिरिक्त सुविधाएं एक साथ मुहैया कराई जा रही हैं। राज्य में ऑटोमिशन के तहत पंपों को ऑनलाइन किया जा रहा है। किसान सेवा केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। ताकि किसान को उसके खेत के नजदीक ही डीजल मिल सके।





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