अजमेर:
माफिया डॉन दाऊद इब्राहीम का छोटा भाई इकबाल पारकर और उसके पांच साथी बुधवार को यहां ख्वाजा साहब की दरगाह की जियारत करके चले गए। खुफिया महकमे को इकबाल के लौट जाने के बाद उसके आने की खबर मिली। इकबाल और उसके साथी दरगाह क्षेत्र के ही एक होटल में भी ठहरे थे।
खुफिया पुलिस का कहना है, चूंकि उसके खिलाफ कोई वारंट की सूचना नहीं है, लिहाजा रोके जाने का कोई कारण नहीं था। जानकारी के मुताबिक इकबाल और उसके साथी मंगलवार की देर रात अजमेर पहुंचे थे। दरगाह क्षेत्र के एक होटल में रात गुजारने के बाद उन्होंने सुबह जियारत कर गरीबनवाज की मजार शरीफ पर चादर पेश की। इकबाल और उसके साथियों ने अपनी पहचान छिपाए रखने के लिए एक बड़ी सावधानी यह बरती कि अपने परंपरागत खादिम को भी आने की सूचना नहीं दी।
उन्होंने दरगाह के ही एक अन्य खादिम केसर चिश्ती को बुलाया, जिसने जियारत कराई। इकबाल और उसके साथियों द्वारा जियारत कर जाने की खबर फैलते ही खुफिया विभाग हरकत में आ गया। सूत्रों के मुताबिक इकबाल अपने भाई दाऊद के साथ कुछ अपराधों की साजिश रचने में शामिल रहा है।
हसीना भी आती रही है
पिछले दिनों मुम्बई में गिरफ्तार हुई दाऊद की बहिन हसीना पारकर नियमित तौर पर दरगाह आती रही है। दरगाह में जियारत करवाने वाले खादिम का बेटा हसीना के बेटे दानिश पारकर के साथ मुम्बई चला गया था। पिछले साल 16 मई, 2006 को पुणो में हुए सड़क हादसे में खादिम शुजाउद्दीन और हसीना पारकर का बेटा, दोनों मारे गए थे।
उसने बुरके में की थी जियारत..
मुम्बई पुलिस से परेशानी के चलते 1987 से 1990 तक दाऊद इब्राहिम ने दो तीन बार अजमेर और जयपुर की यात्रा की थी। उसने अजमेर में एक चर्चित कोठी खरीदने की भी कोशिश की लेकिन मीडिया में आ जाने के कारण सौदा नहीं पट सका था। गुप्तचर एजेंसियों को दाऊद के आने और जाने की जानकारियां उसके निकल जाने के बाद ही मिल परई। चर्चा यह थी कि ख्वाजा साहब की दरगाह में दाऊद ने जियारत बुरका पहनकर की थी।
देग चढ़ाने की अफवाह
पिछले साल उर्स के दौरान दाऊद इब्राहीम की ओर से अजमेर की दरगाह में देग पकवाए जाने की अफवाह भी फैली थी। गुप्तचर एजेंसियों ने जांच की, तो खुलासा हुआ कि देग पकवाने वाला इब्राहिम मुम्बई का बिल्डर और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का पदाधिकारी था।
* दाऊद का भाई और उसके साथियों के अजमेर आने की कोई जानकारी पुलिस को नहीं है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर के वांछित अपराधियों की सूची जिला स्तर पर भी भेजी जाती रही हैं। इकबाल कासकर के मामले में सूची है या नहीं यह देखना पड़ेगा।
-नंद किशोर, आईजी
* अंतरराष्ट्रीय स्तर के अपराधियों का रिकार्ड जिला पुलिस की डीएसबी शाखा में है। दाऊद इंटरपोल का वांछित अपराधी है। देखना पड़ेगा कि इकबाल कासकर वांछित है या नहीं। इकबाल और उसके साथी दरगाह जियारत करके गए, इसकी जानकारी जिला पुलिस नहीं है। यदि इकबाल वांछित हुआ तो जियारत कराने वाले खादिम के खिलाफ भादसं की धारा 216, 217 के तहत संरक्षण देने के आरोप में कार्रवाई की जाएगी।
-ललित माहेश्वरी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर)
* यह सही है कि इकबाल पारकर और उसके साथी दरगाह की जियारत करके गए हैं। चूंकि उनके खिलाफ किसी तरह की कोई पूर्व सूचना, वारंट आदि खुफिया विभाग के पास नहीं है, लिहाजा उन्हें जियारत से रोकने का कोई कारण नहीं था। उन्होंने खादिम केसर चिश्ती के माध्यम से जियारत की।
-गजानंद वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सीआइडी इंटेलिजेंस